0 शहीद स्मारक के प्रवेश द्वार के ठीक सामने दुर्घटनाओं को आमंत्रण देता गड्ढा
मिसाल न्यूज़
रायपुर। आज़ादी दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्यगण आज उस समय आक्रोशित नज़र आए जब वे अपने पुरखों की निशानी जीई रोड स्थित शहीद स्मारक भवन परिसर में ध्वजारोहण के लिए पहुंचे हुए थे। सेनानी परिवारों ने देखा कि विशाल ऑडिटोरियम के प्रवेश व्दार पर लगी नाम पट्टिका में से ‘शहीद’ शब्द लटका हुआ है, ‘स्मारक’ टूटकर गिर चुका है और ‘भवन’ रह गया है। यही नहीं शहीद स्मारक के प्रवेश व्दार के ठीक सामने की सड़क क्षत-विक्षत तो हो ही गई है, वहीं बड़ा गड्ढा भी हो गया, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संघ प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस पर शहीद स्मारक परिसर में ध्वजारोहण करता है। परंपरानुसार आज सुबह सेनानी परिवार के लोग जब शहीद स्मारक परिसर पहुंचे तो पाया कि मेंटनेंस के अभाव के कारण प्रवेश व्दार पर विशाल अक्षरों में लिखा शहीद शब्द अपनी जगह से हटकर झूल रहा है, स्मारक शब्द तो टूटकर गिर ही चुका है, बस भवन शब्द अपने ठिकाने पर नज़र आ रहा है। उल्लेखनीय ही स्व. कमलनारायण शर्मा एवं स्व. मोतीलाल त्रिपाठी जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अथक प्रयासों के बाद छत्तीसगढ़ के सेनानियों की स्मृति में यह विशाल शहीद स्मारक भवन खड़ा हो पाया। ध्वजारोहण के लिए पहुंचीं स्व. कमलनारायण शर्मा की सुपुत्री श्रीमती सविता पाठक ने बेहद नाराज़गी भरे लहज़े में प्रश्न खड़ा किया कि आख़िर कब तक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी स्मृतियां व उनके परिवार से जुड़े लोग शासन व प्रशासन की उपेक्षा का शिकार होते रहेंगे?

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संघ के महासचिव सुनील बाजारी ने कहा कि शहीद स्मारक परिसर की क्षत-विक्षत हो रही चीजों को हटाकर उस जगह को वापस संवारने का काम नहींं किया गया तो सेनानी परिवार के लोग स्मारक परिसर के प्रवेश व्दार पर धरना-प्रदर्शन करने बाध्य होंगे। साथ ही नगर निगम स्मारक के प्रवेश व्दार के सामने गड्ढे को भरवाकर सड़क की मरम्मत का काम भी तत्काल करवाए।
उल्लेखनीय है कि शहीद स्मारक भवन को निश्चित राशि के एवज में विविध आयोजनों के लिए प्रदान करने से लेकर उसके रखरखाव की ज़िम्मेदारी नगर निगम की है।
स्वतंत्रता दिवस पर आज शहीद स्मारक परिसर में हुए ध्वजारोहण के दौरान श्रीमती सविता पाठक, सुनील बाजारी, डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, अरुण दुबे, अनिल गुप्ता, राजेन्द्र उमाठे, डॉ. दीपक शर्मा, मुकेश बावरिया, अजय सोनी, अजय कुमार जैन, अनिरुद्ध दुबे, रमा दत्त जोशी, रेखा दत्त जोशी, राजेन्द्र सोनी, महेश दुबे, मंगल सिंह, विनोद ठाकुर, परसराम अहीर, चंद्रकांत पांडे, शैलेन्द्र राठौर, पी.संतोष नायडू, श्रीमती सुधा कसार, श्रीमती पुष्पा तिवारी, पंकज अग्रवाल, नेहा तिवारी, प्रतीक तिवारी, श्रीमती महेश वर्मा एवं छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार उपस्थित थे।


