मिसाल न्यूज़
रायपुर। गुरु घासीदास संग्रहालय सभागार सिविल लाइंस में आज युवा लेखक करुणा सागर पण्डा के नवीनतम उपन्यास ‘कोहरा’ का विमोचन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय थे। अध्यक्षता छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने की। विशेष अतिथि भाजपा वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं ब्रिथवेट बर्न एंड जेसप कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, भारत सरकार के स्वतंत्र निदेशक जगन्नाथ पाणिग्राही, छत्तीसगढ़ राज्य भाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र तथा प्रख्यात साहित्यकार गिरीश पंकज थे। पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक एवं आग्रहव्रत अभियान के प्रणेता सुनील गंगाराम गर्ग मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपनी बात निर्भीक होकर कह सकें। वामपंथी षड्यंत्र अब अधिक दिनों तक नहीं चलने वाला है। दिमागी नक्सल विरोध करना उनका काम है, लेकिन हमें अपने सभी मुद्दों पर खुलकर बात करनी होगी।
मुख्य वक्ता सुनील गंगाराम गर्ग ने कहा कि ‘कोहरा’ एक ऐसा उपन्यास है जो समकालीन समाज की लव जिहाद जैसी ज्वलंत समस्या और नक्सल के दोषपूर्ण चरित्र को मानवीय संवेदनाओं, संबंधों तथा जीवन-मूल्यों के माध्यम से कथा में प्रस्तुत करता है। लेखक ने लव जिहाद के षड्यंत्र को समाज के सामने लाने का साहसपूर्ण कार्य किया है और सत्य तथा भ्रम के बीच के अंतर्द्वंद्व व उसके भावनात्मक संसार को अभिव्यक्ति दी है।
प्रदेश भाजपा वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्राही ने कहा कि युवा राष्ट्रवादी रचनाकारों का साहित्यिक क्षेत्र में सक्रिय होना हिंदी साहित्य के लिए सकारात्मक संकेत है। इस देश में साहित्य जिहाद भी लंबे समय तक चला, जिसमें हमारे गौरव-बोध को दबाया गया। ‘कोहरा’ जैसे उपन्यास लव जिहाद को समाज द्वारा समझने और उसके विविध पक्षों पर सचेत रहने का आग्रह स्थापित करते हैं।
समारोह में उपस्थित साहित्य प्रेमियों एवं अतिथियों ने लेखक करुणा सागर पण्डा को उनकी नई कृति के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा उपन्यास के सफल एवं व्यापक पाठकीय स्वागत की कामना की। लेखक करुणा सागर पण्डा ने कहा कि मैं चाहता हूँ कि बहुत जल्द इस उपन्यास की प्रासंगिकता समाप्त हो जाए। हमारी बेटियों को छलना बंद हो और वे इस भ्रम-जाल से मुक्त हों। मैंने अपना धर्म निभाया है।
‘कोहरा’ का प्रकाशन एस.एल.एस. पब्लिकेशन द्वारा किया गया है, जो सनातन लाइफ स्टाइल फाउंडेशन की एक इकाई है। इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन हम और आप फाउंडेशन के अध्यक्ष जलज कुमार अनुपम ने किया। उन्होंने कहा कि धर्म और अधर्म के बीच की रेखा को पहचानने तथा पहचान कर सचेत होने का समय आ गया है। कार्यक्रम का संचालन एश्वर्य पुरोहित ने किया। कार्यक्रम में साहित्य, समाज और संस्कृति से जुड़े अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

