‘तोर मयारू मोर मयारू’ में काजल के पिता बने सतीश जैन ने कहा- “भाइयों का प्रेम अभिनय के बहाव में बहा ले जाता है…”

मिसाल न्यूज़

छत्तीसगढ़ी सिनेमा का मील का पत्थर कहे जाने वाले डायरेक्टर सतीश जैन फ़िल्म ‘तोर मयारू मोर मयारू’ में अभिनय करते नज़र आएंगे। सतीश जी कहते हैं- “जिन छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों में अभिनय करने मिला, मैंने भरपूर इंजॉय किया।“ इस सवाल पर कि आप अपनी फ़िल्मों में कभी क्यों अभिनय करते नज़र नहीं आए, सतीश जी कहते हैं- “डायरेक्टर कैसा हूं यह तय करना जनता जनार्दन के हाथ में होता है। ख़ुद के बारे में इतना जानता हूं, बहुत अच्छा एक्टर नहीं हूं। छत्तीसगढ़ी फ़िल्म बनाने वाले भाई लोगों का प्रेम है जो मुझे अभिनय के बहाव में बहा ले जाते हैं।“

सरसरी तौर पर कोई सोचे तो उसे ऐसा लगेगा कि सतीश जी इक्का-दुक्का फ़िल्मों में अभिनय किए होंगे पर सच यह है कि उनके पास गिनाने लायक आंकड़ा है। अपने अभिनय वाली फ़िल्मों के नाम वे यूं ही गिना देते हैं- ‘भांवर’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘संगी रे’, ‘बिदाई’, ‘मार डारे मया म’, ‘महूं दिलवाला तहूं दिलवाली’। सीधे ‘तोर मयारू मोर मयारू’ पे आकर बातचीत करने पर सतीश जी कहते हैं- “इस फ़िल्म को प्रस्तुत करने जा रहे मनीष मानिकपुरी ने बीच में कहा था कि आप के लायक रोल निकालूंगा। मैं मज़ाक से उन्हें कहा भी करता था बस कहते हो, रोल-वोल निकालते नहीं। कुछ महीने पहले अचानक मनीष का फोन आया कि भैया ‘तोर मयारू मोर मयारू’ में एक छोटा लेकिन अहम् किरदार है करेंगे क्या? मैंने कहा- हां हां क्यों नहीं। अभी मेरे डायरेक्शन वाले प्रोजेक्ट को शुरु होने में समय है, एक्टिंग ही सही। जिस हाल में, जैसे कपड़े में था शूट पर चला गया। लेकिन अब सोच लिया है, आगे एक्टिंग से पहले उसकी कुछ तैयारी करके रखूंगा। अलग-अलग तरह की अपने नाप की कुछ ड्रेस सिलवाकर रखूंगा। चाहो तो मुझे पुलिस वाला बना दो, ग़रीब दिखाना है तो ग़रीब दिखा दो।“

‘तोर मयारू मोर मयारू’ में आपका किरदार क्या है, पूछने पर बताते हैं- “हीरोइन काजल सोनबेर का पिता बना हूं, जो एक बिजनेसमेन रहता है।“ यह ज़िक्र करने पर कि ‘तोर मयारू मोर मयारू’ का ट्रेलर आपसे ही शुरु होता है, देखने वालों को यह बड़ा ख़ास लगा… सतीश जी कहते हैं- “ट्रेलर में सुरेश गोंडाले को मेरे हाथों में दम तोड़ते दिखाया गया है। सुरेश बेहतरीन अभिनेता हैं। वे मेरी फ़िल्म मोर छंइहा भुंइया पार्ट वन, टू, थ्री तीनों में दिखे।“

आप छत्तीसगढ़ी सिनेमा में लीजेंड डायरेक्टर माने जाते रहे हैं, ख़ुद जब दूसरे डायरेक्टर के निर्देशन में काम करते हैं उस समय का सीन कैसा होता होगा, पूछने पर सतीश जी मज़ाकिया लहज़े में कहते हैं- “मैं कई रीटेक लेने वाला कलाकार हूं। अभिनय मेरे लिए तो मज़ा है, लेकिन मुझे निर्देशित कर रहे डायरेक्टर के लिए सज़ा है।“

आपने अपनी फ़िल्म ‘झल भूलव मां बाप ला-2’ का मुहुर्त तो कर दिया, यह शूट पर कब जा रही है और हर बार की तरह क्या इसके प्रदर्शन की तारीख़ भी तय कर चुके हैं, इस सवाल पर सतीश जी कहते हैं- “3 सितंबर से शूट शुरु हो रहा है। 30 अप्रैल 2027 को फ़िल्म रिलीज़ होना है।“

सन् 2000 से आपके फ़िल्म निर्देशन का सफ़र लगातार जारी है, यह सुनहरा सफ़र और कब तक जारी रहना है, इस सवाल पर सतीश जी अपने वही चिर-परिचित पुराने अंदाज़ में ज़वाब देते हैं- “उस गाने की तरह जब तक है जां, जाने जहां, मैं नाचूंगी… जैसा दर्शक चाहें…”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *