मिसाल न्यूज़
रायपुर। सांसद एवं छत्तीसगढ़ के नये कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत ने सवाल उठाया कि भाजपा कहती है एक पेड़ मां के नाम, तो क्या सारा जंगल अडाणी के नाम…
प्रभारी बनने के बाद अपने पहले छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज राजीव भवन में प्रेस वार्ता में सुखदेव भगत ने कहा कि यहां जाति धर्म वाली बात नहीं है। अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जिस समुदाय से आते हैं उनका आचरण उसके विपरीत है। उनके कृत्य व कार्य शैली कारपोरेट घरानों जैसी है। हसदेव अरण्य क्षेत्र के जल, जंगल, जमीन को गैरों के हाथ नहीं जाने देने के लिए कांग्रेस हमेशा प्रतिबद्ध रही। छत्तीसगढ़ में जब कांग्रेस की सरकार थी विधानसभा में प्रस्ताव पारित हुआ था हसेदव समेत किसी भी कोल ब्लॉक की नीलामी नहीं होने दी जाएगी। भाजपा की इस सरकार में दस लाख पेड़ कटने की नौबत है। कहा जा रहा है प्रभावित लोगों का विस्थापन करेंगे। सवाल यह कि क्या पर्यावरण की कीमत पर विस्थापन करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार 5 से 7 हजार पदों की भर्ती के दावे कर रही है, लेकिन वह यह नहींं बता रही है कि नियुक्तियां स्थायी होंगी या अस्थायी। बेरोजगारी का आंकड़ा उठाकर देख लीजिए, पता चल जाएगा छत्तीसगढ़ सरकार कहां पर खड़ी है। भाजपा सरकार बस्तर के विकास का दावा करती है, जबकि वहां विनाश हो रहा है।
भगत ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था का बूरा हाल है। राजधानी रायपुर में ही महिलाएं सूरक्षित नहीं हैं। सरकारी महकमे में स्पर्धा चली हुई है कि तूम ज्यादा वसूलोगे कि हम ज्यादा वसूलेंगे।
यह सवाल करने पर कि ऐसे कई बड़े चेहरे जो पूर्व में कांग्रेस छोड़कर गए अब पार्टी में वापस आना चाह रहे हैं उन पर क्या कहेंगे, भगत ने कहा कि जो लोग चुनाव लड़ने की इच्छा पाले हुए वापस आना चाह रहे हैं तो उनका स्वागत नहीं है।

