नगर निगम का हेरिटेज वॉक- नागरीदास मंदिर से टूरी हटरी तक ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण

0 विरासत संग स्वच्छता का संदेश 

मिसाल न्यूज़

रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से नागरिकों, विद्यार्थियों और गणमान्यजनों को परिचित कराने के साथ-साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से विशेष हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। ‘Walk with a Cause’ की भावना के साथ आयोजित इस पहल में विरासत के संरक्षण और स्वच्छ शहर के संकल्प को एक साथ जोड़ा गया। नगर निगम ने इस आयोजन को जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में आयोजित कर पर्यावरण अनुकूल आयोजनों की मिसाल प्रस्तुत की।

हेरिटेज वॉक का शुभारंभ नागरीदास मंदिर से हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों ने जैतूसाव मठ, जगन्नाथ मंदिर, हनुमान की बावड़ी होते हुए टूरी हटरी तक भ्रमण किया। पूरी हेरिटेज वॉक का संचालन एवं मार्गदर्शन सुश्री निष्ठा जोशी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रत्येक ऐतिहासिक स्थल पर प्रतिभागियों को रायपुर के इतिहास, स्थापत्य कला, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व तथा उनसे जुड़ी रोचक जानकारियों से सहज और रोचक तरीके से अवगत कराया। इस दौरान नागरिकों एवं विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं, अनेक प्रश्न पूछे और रायपुर के गौरवशाली अतीत को करीब से जाना।

इस अवसर पर रायपुर नगर निगम कमिश्नर संबित मिश्रा, नगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष अमर गिदवानी, निगम जोन 4 अध्यक्ष मुरली शर्मा, जोन 5 अध्यक्ष अम्बर अग्रवाल, पार्षद अजय साहू, अपर आयुक्त कमिश्नर लोकेश्वर साहू, अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, उपायुक्त (संस्कृति) सुश्री रुचि शर्मा, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, जोन कमिश्नर व्दय डॉ. दिव्या चंद्रवंशी एवं राकेश शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी, नागरिकगण एवं पुरानी बस्ती स्थित शासकीय सरस्वती कन्या शाला की छात्राएं सम्मिलित हुईं।

नगर निगम ने हेरिटेज वॉक को पूरी तरह जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में आयोजित किया। कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया गया। पानी की प्लास्टिक बोतलों के स्थान पर वाटर कूलर की व्यवस्था की गई तथा पानी पीने के लिए पेपर ग्लास का उपयोग किया गया। पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया और कहीं भी कचरा नहीं फैलाया गया। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को भी पर्यावरण अनुकूल और कचरा मुक्त बनाया जा सकता है। विरासत के प्रति सम्मान के साथ सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

प्रयास से जुड़े लोग नन्हे

प्रेरक- निगम कमिश्नर

निगम कमिश्नर संबित मिश्रा ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए छात्राओं द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें ‘नन्हे प्रेरक’ की संज्ञा दी। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता सहित शहर को बेहतर, सुंदर और व्यवस्थित बनाने से जुड़े विभिन्न कार्यों एवं गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास और सकारात्मक बदलावों में बच्चों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। नन्हे प्रेरक न केवल स्वयं जागरूक नागरिक बनें, बल्कि अपने परिवार, स्कूल और आसपास के लोगों को भी शहर के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रेरित करें।

निगम कमिश्नर ने छात्राओं से अपील की कि वे अपने घरों और स्कूलों में कचरे के पृथक्करण हेतु चार प्रकार के डस्टबिन रखने की आदत विकसित करें तथा अपने परिवारजनों को भी गीले एवं सूखे कचरे सहित अन्य श्रेणियों के कचरे को अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा समय-समय पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, शहर की सुंदरता एवं नागरिक जिम्मेदारियों से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं, जागरूकता कार्यक्रमों और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहेगा। इन सभी गतिविधियों में नन्हे प्रेरकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। शहर को स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित और बेहतर बनाने के प्रयासों में नन्हे प्रेरकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

विद्यार्थियों की सहभागिता

हेरिटेज वॉक में शासकीय सरस्वती कन्या शाला की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। छात्राओं के लिए ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) विषय पर क्विज, स्लोगन सहित विभिन्न जागरूकता एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निपटान, पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव तथा जिम्मेदार उपभोग के प्रति जागरूक किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को विभिन्न पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही हेरिटेज वॉक में सहभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

जिज्ञासा, संवाद और

सीखने का अवसर

हेरिटेज वॉक के दौरान विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने न केवल रायपुर के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के बारे में नई जानकारियां हासिल कीं, बल्कि शहर की धरोहरों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझा।

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