मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने फ्लाई ऐश एवं कोल डस्ट की अवैध डंपिंग के मामले को उठाया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी व्दारा यह कहे जाने पर कि ऐसे मामलों में पिछली सरकार की तुलना में हमारी सरकार ज्यादा कार्यवाही कर रही है, कांग्रेसी विधायगण भड़क गए और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए वाक आउट कर गए।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल का सवाल था कि रायगढ़ जिला अंतर्गत संचालित उद्योगों में कितने कितने उद्योगों से फ्लाई ऐश डंप किया जाता है? वर्ष 2023-24, 2024-25 से लेकर विगत 4 फरवरी तक की स्थिति में अवैध पलाई ऐश डम्प किए जाने के कितने मामले सामने आए और क्या कार्यवाही की गई? क्या बिना अनुमति के फ्लाइ ऐश डम्प करने का मामला प्राप्त हुआ है? रायगढ़ जिला के फ्लाई ऐश एवं कोयला परिवहन के कारण दूषित पर्यावरण के सुधार हेतु क्या कार्य योजना है?
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी की तरफ से जवाब आया कि उक्त अवधि में रायगढ़ जिला अंतर्गत 24 ताप विद्युत संयंत्रों व्दारा राख का उपयोग भू-भराव/खदान भराव में किया जा रहा है। उक्त ताप विद्युत संयंत्रों में से 6 ताप विद्युत संयंत्रों व्दारा स्वयं के निर्मित ऐश डाईक में भी अस्थाई रूप से राख का भण्डारण किया जाता है। उक्त अवधि में राख के अवैध या बिना अनुमति डंपिंग के 49 मामले मंडल के संज्ञान में आये हैं। उनके खिलाफ कार्यवाही की गई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कार्यालय आदेश 26 जून 2024 के माध्यम से उद्योगों से कच्चे माल,उत्पाद,अपशिष्ट के सड़क मार्ग से परिवहन के दौरान प्रदूषण के रोकथाम हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया गया है, जो कि 1 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। उद्योगों से जनित ठोस अपशिष्टों के अपवहन हेतु परिवहन की निगरानी बाबत औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (आईडब्ल्यूएमएमएस) संचालित की गई है। जो कि 1 मई 2025 से प्रभावशील है। परिवहन के दौरान एसओपी का उल्लंघन पाये जाने पर उद्योगों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।
उमेश पटेल ने कहा कि प्रदूषण के रोकथाम हेतु मानक संचालन प्रक्रिया 1 अगस्त 2024 से प्रभावशील है तो आगे की प्रक्रिया में आठ माह की देर कैसे हुई। चौधरी ने कहा कि कुल 49 शिकायतें थीं, जिन पर कार्यवाही की गई। 6 लाख 90 हजार की पैनाल्टी ठोंकी गई। उमेश पटेल ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को किसी मामले की शिकायत होती है, उसका समाधान 16 दिसंबर 2025 में जाकर होता है। अधिकारी धोखा दे रहे हैं। अभी भी फ्लाई ऐश वैसे ही पड़े हैं। गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करेंगे? चौधरी ने कहा पिछली सरकार की तुलना में हम कई गुना ज्यादा कार्यवाही कर रहे हैं। पटेल ने कहा कि आप समय बरबाद कर रहे हैं। पर्यावरण विभाग कोई काम नहीं कर रहा है। रोज फ्लाई ऐश डंप हो रहा है। विधानसभा में प्रश्न लगने के बाद विभाग की ओर से कोशिश शुरु होती है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वित्त मंत्री ने पिछली सरकार की बात तो कर दी, लॉक डाउन तो उन्हीं की सरकार लगाकर रखी थी। भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार रही थी तो क्यों कार्यवाही नहीं होती थी?
भूपेश बघेल ने कहा कि इधर उधर की बात कर सदन को गुमराह किया जा रहा है। इसके विरोध में सदन से वाक आउट करते हैं। इसके पश्चात् सारे कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।

