मिसाल न्यूज़
रायपुर। ऑक्सीजोन के नाम पर खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए 69 दुकानदारों के शंकर नगर स्थित क्रिस्टल ऑर्केड के सामने व्यवस्थापन किए जाने का प्रस्ताव आज नगर निगम की सामान्य सभा में सर्वसम्मति से पास हो गया। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों का वर्षों का वनवास आज खत्म हुआ। जल्द हम इन्हें डिमांड नोट जारी करने जा रहे हैं, ताकि दुकानों के निर्माण में देर ने लगे।
व्यवस्थापन वाला यह एजेंडा जब सदन में सामने आया तो भाजपा पार्षद राजेश गुप्ता एवं कांग्रेस पार्षद श्रीमती अर्जुमन ढेबर ने व्यवस्थापन में हुए विलंब पर सवाल उठाया। एमआईसी सदस्य (राजस्व) अवतार बागल ने कहा कि 69 लोगों में से 55 दुकानदार जैसे ही निर्माण लागत की राशि जमा कर देंगे निर्माण का टेंडर जारी कर दिया जाएगा। एमआईसी सदस्य (नगर निवेश) मनोज वर्मा ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों व्दारा रखी गई सारी बातों पर सहमत होते हुए हमारी परिषद ने व्यवस्थापन की दिशा में कदम बढ़ाया है। पिछले कार्यकाल में तो दुकानें जमीन से ऊपर बनाकर देने की बात सामने आई थी। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित दुकानदारों की आने वाले कल की बेहतरीन शुरुआत हो सके।
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि 26 दिसंबर 2017 का वह दिन था जब खालसा स्कूल के सामने से दुकानों को तोड़ गिराया गया था। सवाल यह कि जिस खसरा नंबर में दुकानदारों का व्यवस्थापन होना है, उसी खसरा नंबर पर नगर निगम कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स की योजना कैसे ला रहा है?
सभापति सूर्यकांत राठौर ने कहा कि कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स के लिए नगर निगम व्दारा नियमानुसार शासन से पत्राचार किया गया है। इसलिए कहीं कोई रुकावट नहीं है।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण है। ये 69 प्रभावित दुकानदार 2016 से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। रोजगार पाना इनका अधिकार था, जो इन्हें मिलकर रहेगा। इनका दस साल का वनवास खत्म होने जा रहा है। जब दस साल पहले इनका रोजगार छिनने की स्थिति बनी तब उस समय की परिषद ने इनके आंसू पोंछने का काम क्यों नहीं किया था! आज हम उनका सामान व सम्मान दोनों लौटाने जा रहे हैं। दुकान निर्माण का काम जल्द शुरु हो सके इसके लिए जल्द डिमांड नोट जारी कर दिया जाएगा।

