मिसाल न्यूज़
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एक तरफ छत्तीसगढ़ की सरकार महतारी वंदन के नाम पर एक हजार रूपये दे रही है वहीं सामान्य आदमी से बिजली बिल के रूप में 4 हजार रुपये तक वसूल ले रही है। सरकार ने अपने ढाई साल के कार्.काल में पांचवीं बार बिजली के दाम को बढ़ाया है। इसके खिलाफ़ कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने जा रही है। 13 जुलाई से शुरु होने जा रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बिजली दर में बेतहाशा वृद्धि के मुद्दे को कांग्रेस सदन में जोरों से उठाएगी।
राजीव भवन में आज प्रेस वार्ता में दीपक बैज ने बताया कि बिजली के दाम बढ़ोत्तरी तथा स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस 17 जून को प्रदेश के सभी जिलों में बिजली दफ्तर का घेराव कांग्रेस करेगी। मुख्यमंत्री जो कि बिजली मंत्री भी हैं उनका पुतला दहन किया जायेगा। 18 जून को जिला सभी जिलों में कांग्रेस के बड़े नेता पत्रकार वार्ता लेकर बिजली के दाम बढ़ोत्तरी का विरोध करेंग। जुलाई के प्रथम सप्ताह में कांग्रेस के कार्यकर्ता स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर से आवेदन भरवा कर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करेंगे।
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू बिजली के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की है। भाजपा सरकार ने किसानों को भी नहीं बख्शा। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है। भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गए हैं। पहले से ही बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बना हुआ है, ऊपर से अब नया बढ़ा हुआ दाम थोप दिया गया है।सरकार राहत देने के बजाय बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी कर रही है। इससे पहले भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी की थी। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में की थी, उसमें भी 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू थी। बिजली के बढ़े बिल से पिछले ढाई साल से जनता पर बोझ डाला जा रहा था लेकिन इस माह बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण जनता परेशान हो गई है। पिछले माह औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल तीन गुना आया है। हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है। स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है।
बैज ने कहा कि उपभोक्ताओं को एक ही माह में ऑन लाइन, ऑफ लाइन में अलग बिल भेजा जा रहा है। बिजली की खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता। स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बढ़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोड़कर बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता को पूर्व मंत्री व्दय धनेन्द्र साहू एवं डॉ. शिव कुमार डहरिया ने भी संबोधित किया।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर शहर अध्यक्ष श्री कुमार मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, प्रवक्तागण धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, वंदना राजपूत, अमित श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश सिंह एवं अजय गंगवानी उपस्थित थे।

