बोर्डिंग स्कूल, अंतर्राष्ट्रीय टेनिस अकादमी एवं सेवा ग्राम पर अरब फूंके… ओ.पी. के सामने सवालों की झड़ी… अजय चंद्राकर व भूपेश बघेल में तीखी नोक-झोंक…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा में आज नवा रायपुर में करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन सेवाग्राम पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल पर सवाल खड़े किए। उन्होंने नवा रायपुर में करोड़ों की लागत से बन रहे बोर्डिंग स्कूल व अंतर्राष्ट्रीय टेनिस अकदामी पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया। चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई।

प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर का सवाल था कि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण अंतर्गत नवा रायपुर में सेवाग्राम बनाने का निर्णय कब लिया गया? उसके उद्देश्य क्या हैं? उसके अंतर्गत क्या-क्या कार्य किया जाना है? कितनी राशि का बजट प्रावधान रखा गया है? कितनी राशि किन-किन कार्यों के लिये व्यय की जा चुकी है? 15 जून 2026 तक उसकी भौतिक स्थिति क्या है? निर्धारित समयावधि में कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं? यदि अपूर्ण हैं तो उसके कारण व दोषी कौन हैं? उनके विरूद्ध अब तक क्या कार्यवाही की गई? क्या उक्त सेवाग्राम के संचालन हेतु सेटअप स्वीकृत किया गया? यदि हां, तो किन-किन कार्यों के लिये कितने पदों की स्वीकृति दी गई है?

वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी की तरफ से जवाब आया कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण अंतर्गत नवा रायपुर में सेवाग्राम बनाने का निर्णय 10 मार्च 2022 को लिया गया। प्रस्तावित सेवा ग्राम का उद्देश्य आजादी की लड़ाई के मूल्यों, सिद्धान्तों व आदर्शों तथा महात्मा गांधी की आत्मनिर्भर की राम राज्य की संकल्पना को अक्षुण्य रखने, भावी पीढ़ी को उन मूल्यों की जानकारी देने तथा संस्थान में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं आत्मनिर्भर ग्राम की कल्पना को साकार करने हेतु कारीगरों को प्रशिक्षित करना है। इसके अंतर्गत बायोडायवर्सिटी पार्क, इकोलॉजिकल पॉण्ड, विजिटर सेन्टर प्रेयर हॉल, म्यूजियम/एक्जीबिशन-हॉल/गैलरी, लायब्रेरी, स्थानीय क्राफ्ट की दुकानें, एम्पीथियेटर, सेवाश्रम-रिहायशी क्षेत्र यथा प्रशिक्षु निवास, आर्टिस्ट निवास, कॉमन किचन एवं चिकित्सालय, क्लास रूम एवं वर्कशाप, फ्रीडम वॉक एवं राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया जैसे कार्य किया जाना है। उक्त कार्यों हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 में 208 करोड़, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 60 करोड़, वित्तीय वर्ष 2024-25 में  61 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया। मल्टीपरपज़ डाईनिग हॉल, सामुदायिक किचन एवं प्रसाधन कक्ष के निर्माण में 3 करोड़ 72 लाख का व्यय हुआ है। बायोडायवर्सीटी पार्क, इकोलॉजिकल पॉण्ड, विजिटर सेन्टर प्रेयर हॉल, गैलरी, म्यूजियम / एक्जीबिशन -हॉल/लायब्रेरी, स्थानीय क्राफ्ट की दुकानें, एम्पीथियेटर, सेवाश्रम-रिहायशी क्षेत्र यथा प्रशिक्षु के निवास, आर्टिस्ट के निवास, चिकित्सालय, क्लास रूम एवं वर्कशाप, फ्रीडम वॉक इत्यादि के निर्माण कार्य में रू. 104 करोड़ 5 लाख का व्यय हुआ है। समस्त निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सेवा ग्राम के संचालन हेतु सेटअप स्वीकृत नहीं किया गया है।

अजय चंद्राकर ने कहा कि पिछली सरकार के समय में लोक धन का कैसा दुरुपयोग हुआ, 700 की क्षमता वाला इंटरनेशनल बोल्डिंग स्कूल, इंटरनेशनल टेनिस अकादमी तथा  सेवा ग्राम इसके उदाहरण हैं। टेनिस अकादमी में साढ़े तीन करोड़ खर्च कर दिए गए। सेवा ग्राम में 104 करोड़ खर्च कर दिए गए। राम राज्य की संकल्पना बताते हुए सेवा ग्राम पर 104 करोड़ फूंक दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि यह पिछली सरकार का प्रोजेक्ट है। हम इस पर कुछ कांक्रीट डाक्यूमेंट निकलवाना चाहते थे, जो कि नहीं मिला। कैसे इसका संचालन होगा, डिटेंलिंग भी नहीं मिली। समझने की कोशिश की जा रही है कि नाना जी देशमुख एवं श्रीश्री रविशंकर के संस्थानों के कामों को क्या इसका आधार बनाया जा सकता है। फिलहाल कोशिश यही है कि आधा-अधूरा काम कैसे पूरा हो। चंद्राकर ने कहा कि इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल, अंतर्राष्ट्रीय टेनिस अकादमी एवं सेवा ग्राम पर 1 अरब से ऊपर खर्च कर दिया गया। क्या यह आउटसोर्सिंग के लिए खर्च किया गया? क्या यह अनियमितता की श्रेणी में नहीं आता? वित्त मंत्री ने कहा कि यह सब पिछली सरकार के समय का प्रोजेक्ट है। इसका संचालन कैसे हो, चिंताजनक है। जब भी लोक धन का उपयोग हो नियमों की इस तरह बात आती है।

चंद्राकर ने कहा कि साफ प्रतीत हो रहा है कि बिना किसी ठोंस योजना के 129 करोड़ खर्च कर दिया गया। ये आपके बिजनेस रूल्स में आता है कि नहीं? ये सारे काम स्वेच्छाचारिता के लिए हुए। वित्त मंत्री ने कहा कि तीनों ही काम पिछली सरकार के हैं। पिछली सरकार ने जो भी नियम कानून तय किया रहा होगा उपलब्ध करा दूंगा। तीनों प्रोजेक्ट का क्या बेहतर हो सकता है इसके लिए अलग-अलग विभाग प्रयासरत हैं। चंद्राकर ने कहा- बिना सेटअप और बिना किसी टोंस योजना के 129 करोड़ खर्च कर दिए गए। इसमें आपका बिजनेस रूल क्या कहता है? भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो कांक्रीट उत्तर दें।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यहां कैसे स्वेच्छाचारिता की बात आ रही है। चंद्राकर ने कहा कि आप कैसे स्पष्टीकरण दे रहे हैं। बघेल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेकर बोल रहा हूं। आपका ज्यादा ज्ञान दिक्कत पैदा कर देता है। चंद्राकर ने तेज आवाज में कहा कि कहा कि आपके किए का पूरा प्रदेश भुगत रहा है। स्पष्टीकरण क्यों दे रहे हैं। आप बार-बार क्यों खड़े हो जाते हैं। चंद्राकर की इस बात का बघेल ने भी तेज आवाज में जवाब दिया। दोनों के बीच कुछ सेंकेंड जबरदस्त नोक-झोंक हुई।

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