मिसाल न्यूज़
रायपुर। बीरगांव के शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय में आज आयोजित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, जब बीरगांव नगर निगम महापौर नंदलाल देवांगन चलता कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए।
महापौर नंदलाल देवांगन ने ‘मिसाल न्यूज़’ से कहा कि मुख्यमंत्री आज बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन तथा नये विकास कार्यों की घोषणा करने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हुए थे। उस कार्यक्रम में बतौर अतिथि मैं मंच पर आमंत्रित था। मुझे बीरगांव की जनता ने महापौर चुना है फिर उसी बीरगांव की पेयजल, सड़क, नाली, सफाई, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े अन्य मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर मुझे क्यों नहीं दिया गया? क्या इसलिए कि मैं कांग्रेसी महापौर हूं। महापौर अपने नगर निगम क्षेत्र का प्रथम नागरिक होता है। उसे अपने निगम क्षेत्र की जमीनी समस्याओं की प्रत्यक्ष जानकारी होती है। जब नगर निगम के प्रथम नागरिक को ही अपने शहर की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर न मिले तो फिर जनता की आवाज शासन तक कैसे पहुंचेगी? मजबूरन चलते कार्यक्रम के बीच से मुझे मंच छोड़कर चले जाना पड़ा।
बीरगांव निगम के एमआईसी सदस्य इकराम अहमद ने कहा कि महापौर को बिरगांव नगर निगम क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और जनहित के मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखने का अवसर नहीं दिया गया, जिससे वे नाराज होकर कार्यक्रम से चले गए। यहां पर केवल महापौर का सवाल नहीं है बल्कि बीरगांव के लाखों नागरिकों की आवाज और उनके अधिकार से जुड़ा सवाल है। क्या बीरगांव की मूलभूत समस्याओं को मंच पर जगह देने से भी इस छत्तीसगढ़ सरकार को परहेज है?

