मिसाल न्यूज़
रायपुर। नगर निगम की मेयर इन कौंसिल की आज हुई बैठक में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अर्बन चैलेंज फंड (UFC) अंतर्गत जयस्तंभ चौक के पास स्थित पुराने नगर निगम दफ्तर वाली खाली जगह तथा नवीन बाजार में निगम के हिस्से वाली बड़ी जमीन पर कमर्शियल कॉम्पलेक्स निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि यूएफसी योजना अंतर्गत परियोजना लागत का 25% शेयर भारत सरकार व्दारा प्रदान किया जाता है। दोनों स्थानों पर निर्माण पीपीपी सीज़ एंड डेवलपमेंट मॉडल पर होगा।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में प्रस्ताव आया कि मालवीय रोड स्थित पुराना नगर निगम भवन परिसर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र गोलबाजार एवं जयस्तंभ चौक के मध्य स्थित है, जो व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अधिक राजस्व प्राप्ति वाला क्षेत्र है। उक्त स्थल पर B+G+7 स्तर व्यावसायिक दुकानें सहित आधुनिक हाई स्ट्रीट मार्केट/कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाए।
बैठक में जानकारी सामने लाई गई कि उक्त कार्य को किये जाने से नगर निगम को कई लाभ होंगे। संभावित परियोजना लागत 28.96 करोड़ का प्रत्यक्ष पूंजी निवेश निगम को नहीं करना पड़ेगा। उक्त कार्य को PPP मोड में किये जाने पर निगम को Upfront Premium राशि 04 करोड़ से 05 करोड़ प्राप्त होना संभावित है। लीज अवधि 49 वर्षों तक लीज रेंट लगभग 50 लाख से 01 करोड़ प्राप्त होना संभावित है। प्रॉपर्टी टैक्स से निगम को नियमित राजस्व की प्राप्ति होगी। भूमि स्वामित्व पूर्णतः निगम के पास सुरक्षित रहेगा। संचालन एवं संधारण और पुनरूउद्धार व्यय निजी भागीदार व्दारा वहन किया जायेगा।
बैठक में जीई रोड स्थित नवीन मार्केट वाली लगभग ढाई एकड़ नगर निगम की जमीन पर कमर्शियल कॉम्पलेक्स निर्माण का विषय भी प्रमुखता से आया। बताया गया कि उक्त जमीन शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण निगम की आय वृद्धि, आधुनिक व्यावसायिक अधोसंरचना विकास तथा दीर्घकालीन परिसंपत्ति सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उक्त कार्य को पीपीपी लीज़ एंड डेवलपमेंट मॉडल अंतर्गत सम्पादित किये जाने हेतु ड्राफ्ट तैयार किया गया है। ड्राफ्ट के अनुसार उक्त स्थल पर मिक्सड यूज़ कॉमर्शियल डेवलपमेंट परियोजना विकसित किए जाने का प्रस्ताव है, जिसमें रिटेल दुकानें, ऑफिस स्पेस, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, पार्किंग एवं अन्य वाणिज्यिक सुविधाएं होंगी। का विकास प्रस्तावित किया गया है। प्रत्यक्ष विकास मॉडल अपनाए जाने की स्थिति में इस परियोजना में नगर निगम को लगभग 83.47 करोड़ की राशि स्वयं निवेश अथवा ऋण के माध्यम से उपलब्ध करानी होगी। निर्माण, संचालन एवं संधारण, किराया प्रबंधन, परिसंपत्ति रखरखाव एवं भविष्य में आवश्यक मरम्मत / पुनः नवीनीकरण का संपूर्ण दायित्व निगम पर रहेगा। प्रस्तुतिकरण अनुसार राशि 83.47 करोड़ पर 7.5% वार्षिक ब्याज दर से लगभग राशि रू. 50.08 करोड़ अतिरिक्त ब्याज भार संभावित है। इसके अतिरिक्त परियोजना अवधि में संचालन एवं संधारण मद में लगभग राशि रू. 281.6 करोड़ तथा प्रमुख रिफर्बिशमेंट कार्यों में लगभग राशि रू. 33.39 करोड़ अतिरिक्त व्यय संभावित बताया गया है। इसके विपरीत PPP मॉडल अंतर्गत निजी निवेशक द्वारा परियोजना की संपूर्ण पूंजी लागत वहन करते हुए निर्माण, संचालन, संधारण एवं परिसंपत्ति प्रबंधन किया जाना प्रस्तावित है। इस मॉडल में निगम को प्रारंभिक पूंजी निवेश नहीं करना होगा तथा निगम को अपफ्रंट प्रीमियम एवं दीर्घकालीन लीज राजस्व प्राप्त होगा। ड्राफ्ट अनुसार निगम को राशि रू. 28.08 करोड़ का अपफ्रंट प्रीमियम तथा प्रथम वर्ष में राशि रू. 6.53 करोड़ वार्षिक लीज राशि प्राप्त होना संभावित है, जिसमें 5% वार्षिक वृद्धि का प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त निगम को संपत्ति कर के रूप में पृथक राजस्व प्राप्त होगा।
भैसथान के स्थान पर
आमानाका में होगा
इंडोर हॉल निर्माण
भैसथान के स्थान पर आमानाका में इंडोर हॉल निर्माण कराये जाने का प्रस्ताव एमआईसी बैठक में रखा गया। बैठक में जानकारी सामने आई कि इंडोर हॉल निर्माण हेतु संचालनालय खेल एवं कल्याण छत्तीसगढ़ व्दारा लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक 01 रायपुर को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में आमानाका वाली जगह का उपयोग सिटी बस शाखा व्दारा किया जा रहा है। आमानाका डिपो से 98 बसें मंत्रालय के कर्मचारियों की सेवाओं में लगी हुई है। वर्तमान में RNNTL एवं NRDA के मध्य MOU अनुसार 31 अक्टूबर 2026 तक मंत्रालय के कर्मचारियों को बस सेवाएं दी जानी है। उक्त सेवाएँ प्रभावित न हो एवं MOU का उल्लंघन न हो इसे ध्यान में रखते हुए 31 अक्टूबर के बाद निर्माण हेतु एनओसी प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।
सिद्धार्थ चौक के पास
बनेगा दिव्यांग पार्क
पूर्व में दिव्यांग पार्क दलदलसिवनी में बनना प्रस्तावित था। सांसद बृजमोहन अग्रवाल व्दारा दलदलसिवनी के स्थान पर शहर के मध्य सिद्धार्थ चौक (टिकरापारा) में नरैया तालाब के बाजू दिव्यांग पार्क बनाने नगर निगम को पत्र भेजा गया था। बैठक में दिव्यांग पार्क सिद्धार्थ चौक के पास बनाने पर सहमति बनी। केन्द्र सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से नगर पालिक निगम, रायपुर को Scheme for implementation of the rights of persons with disabilities act. के अंतर्गत 9 करोड़ 95 लाख 76 हजार 285 रुपये की लागत से दिव्यांग पार्क बनना प्रस्तावित है।
सद्दानी चौक से कोतवाली
चौक मार्ग ओमप्रकाश
पुजारी के नाम पर
बैठक में सद्दानी चौक से कोतवाली चौक तक मार्ग का नामकरण स्व.ओमप्रकाश पुजारी के नाम पर करने का निर्णय हुआ। उल्लेखनीय है कि ओमप्रकाश पुजारी की भाजपा नेता के रूप में प्रदेश में अलग पहचान थी। सदर बाजार स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर का संचालन पुजारी परिवार व्दारा किया जाता रहा है।
ये थे उपस्थित
एमआईसी की बैठक में नगर निगम कमिश्नर संबित मिश्रा, एमआईसी सदस्यगण मनोज वर्मा, दीपक जायसवाल, श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, भोलाराम साहू, अवतार भारती बागल, डॉ. अनामिका सिंह, अमर गिदवानी, नंदकिशोर साहू, खेमकुमार सेन, श्रीमती संजना संतोष हियाल अपर कमिश्नरगण लोकेश्वर साहू, पंकज शर्मा, विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, अधीक्षण अभियंतागण राजेश राठौर एवं इमरान खान, निगम सचिव श्रीमती संगीता साहू, उपायुक्तगण, जोन कमिश्नरगण, कार्यपालन अभियंतागण तथा सभी विभागों के प्रभारी अधिकारीगण उपस्थित थे।

