मिसाल न्यूज़
रायपुर। रायपुर शहर की जल, अवैध प्लाटिंग एवं निर्माण, अतिक्रमण तथा सफाई जैसी समस्याओं पर आज बुलाई गई नगर निगम की विशेष सामान्य सभा में महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अफसरों पर जमकर निशाना साधा। महापौर ने कहा कि कमिश्नर साहब व अन्य अफसर हमारे पार्षदों के ज़मीनी संघर्ष को हल्के में न लें।
महापौर ने कहा कि आज कि इस विशेष सामान्य सभा में न किसी की गलती निकालूंगी और न ही इस बात पर जाऊंगी कि पिछले 5 सालों में क्या हुआ। कागजों को दौड़ाने या बंद कमरे में बैठक करते रहने से सुशासन नहीं आता। चुनकर आए पार्षदों के कार्यकाल को 1 साल से अधिक का समय हो चुका। परसों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे सामने भीषण जलभराव की समस्या है। अवैध प्लाटिंग की कितनी ही शिकायतें हैं। शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नालों की सफाई व्यवस्था को लेकर सामने सवाल खड़े हैं। अवैध मकानों व कॉलोनियों के निर्माण ने बड़ी समस्याएं खड़ी की हैं। आज की सभा शिकायतों का अंबार लगाने के लिए नहीं है। माना कि मेन पॉवर की कमी है,लेकिन सीमित संसाधनों में क्या कुछ बेहतर कर सकते हैं इस पर हमें विचार करना होगा।
महापौर ने कहा कि कमिश्नर साहब व अन्य अफसर हमारे पार्षदों के ज़मीनी संघर्ष को हल्के में न लें। नगर निगम के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के सूझावों को डायरी में नोट करें और आगे की योजना तय करें। पार्षदों की गरिमा का ध्यान रखते हुए अफसर उनके साथ सामंजस्य बिठाकर कार्य करें। पार्षदों की गिनती सामान्य व्यक्ति में न करें, वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं।
समस्याएं ही नहीं गिनाएं
सूझाव भी दें- सभापति

सभापित सूर्यकांत राठौर ने कहा कि भारी बारिश के कारण कल जो शहर की स्थिति थी वह किसी से छिपी नहीं है। आज जो विशेष सामान्य सभा का एजेंडा है पार्षद उसपर खुलकर आपनी बातों को रखें। न सिर्फ समस्याएं गिनाएं बल्कि जरूर सूझाव भी दें। अधिकारी आपकी बातों को नोेट करेंगे।
सदन के भीतर
टपकती रही छत

आज की विशेष सामान्य सभा का मुद्दा गर्मी में पेयजल संकट तथा बारिश में जलभराव था। नगर निगम मुख्यालय के चतुर्थ तल जहां विशेष सामान्य सभा हुई वहां खुद पानी समस्या के रूप में सामने था। सभापति सूर्यकांत राठौर के डायस के सामने छत से बूंद-बूंद पानी टपक रहा था। यही नहीं पार्षद को बैठने के स्थान पर भी दो जगह पानी टपकते साफ नज़र आया। गमले रखकर उस दो जगह को सूरक्षित किया गया था।

