‘तोर मयारू मोर मयारू’ मुझ पर बेस्ड- काजल सोनबेर

मिसाल न्यूज़

छत्तीसगढ़ी सिनेमा में काजल सोनबेर की गाड़ी पिकअप ले चुकी है। बड़े-बड़े प्रोजेक्ट कर रही हैं। उनकी बड़े बजट की फ़िल्म ‘तोर मयारू मोर मयारू’ 4 सितम्बर को पूरे छत्तीसगढ़ में 50 से अधिक सिल्वर स्क्रीन में चमकेगी। रिलीज़ से पहले अपने करैक्टर के बारे में बड़े ही उत्साह के साथ ख़ुलासा करते हुए काजल ने कहा कि ‘तोर मयारू मोर मयारू’ मुझ पर बेस्ड है।

‘मिसाल न्यूज़’ ने कुछ सवाल काजल सोनबेर के सामने रखे, जिनके ज़वाब उन्होंने कम शब्दों में लेकिन उम्दा दिए, जो कि यहां पेश हैं-

0 ‘तोर मयारू मोर मयारू’ क्या है…

00 धमाकेदार कॉमेडी है। पूरी कहानी का प्लॉट मेरे पर बेस्ड है। एक ऐसी लड़की जिसे अपनों से जैसा प्यार मिलना था, किन्हीं कारणों से नहीं मिल पाया। जहां थोड़ा भी अपनापन मिले वह उमंग से भर जाती है।

0 अमलेश नागेश जैसे चर्चित चेहरे के साथ फ़िल्म करना कैसा एक्सपीरियेंस रहा…

00 सबसे अहम् बात काफ़ी दिनों बाद उनकी कोई फ़िल्म आ रही है। सोशल मीडिया में लगातार सवाल होते दिखता था कि आख़िर अमलेश कहां हैं? कुछ ही घंटों की बात है, ज़वाब मिल  जाएगा। बड़ी तैयारी के साथ लंबे गेप के बाद वो सिल्वर स्क्रीन पर आ रहे हैं। पोस्टर व ट्रेलर में आपने उनका लुक देखा ही होगा। फिर अमलेश की हर फ़िल्म को अच्छी ओपनिंग मिलने का रिकॉर्ड रहा है। फ़िल्म की कहानी भी काफ़ी कसी हुई है। मुझे इस फ़िल्म से काफ़ी उम्मीदें हैं।

0 सिनेमा के कई पक्षों की गहरी समझ रखने वाले मनीष मानिकपुरी इस फ़िल्म से जुड़े हुए हैं, वह कहां पर खड़े दिखाई देते हैं…

00 मनीष भैया ने इस फ़िल्म को एक्जिक्यूट किया है। ख़ासकर फ़िल्म की भाषा शैली व संवाद में तो उनकी काफ़ी मेहनत है। फ़िल्म के कई पक्षों में जैसी उनकी मास्टरी है, उनसे काफ़ी कुछ सीखा जा सकता है।

0 डायरेक्शन पर क्या कहेंगी…

00 देखकर लगेगा नहीं कि राहुल प्रताप सिंह सर की डायरेक्टर के रुप में पहली छत्तीसगढ़ी फ़िल्म है। फ़िल्म के शूट के दौरान राहुल सर व डीओपी विद्यानाथ भारती जी के बीच ज़बरदस्त तालमेल था। डायरेक्टर क्या चाह रहे हैं वह डीओपी बख़ूबी समझ लें तो मानिए एक के बाद एक हर सीन ज़ानदार बनते चले जाता है।

0 फ़िल्म के ट्रेलर से लगता है कहानी में कई रंग चढ़े हैं…

00 फ़िल्म में कहीं पर भी फ्लो टूटते नहीं दिखेगा। संजय महानंद जी, प्रदीप शर्मा जी, उपासना वैष्णव जी, उर्वशी साहू जी जैसे कलाकारों से फ़िल्म में कमाल का तड़का लगा है।

0 आपके इस कथन से व पोस्टर देखकर लगता तो यही है कि मल्टी स्टारर फ़िल्म है…

00 इस फ़िल्म में किसी भी एक या दो को लीड करैक्टर की गिनती में नहीं रखा जा सकता। आप फ़िल्म देखेंगे तो लगेगा हर कोई लीड में है।

0 फ़िल्म करते वक़्त और क्या ख़ास लगा..

00 गांव का नाम धनेली होना। नया रायपुर के आसपास की ख़ूबसूरत लोकेशन का फ़िल्मांकन और छत्तीसगढ़िया  मालगुजार की दिखाई गई हवेली।

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