0 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक
मिसाल न्यूज़
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की प्राकृतिक धरोहरों को संवारने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी परियोजना पर कार्य कर रही है। रायपुर के अटारी स्थित प्रसिद्ध नंदन वन को पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल के तहत नए और आकर्षक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इस कायाकल्प योजना पर लगभग 50 करोड़ रूपए की लागत आएगी।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान नंदन वन पुनर्विकास की प्रस्तावित परियोजना के प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिसका नंदन वन पीपीपी समिति द्वारा अनुमोदन किया गया। बैठक में नंदन वन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे पर्यावरण व पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में चर्चा की गई। पीपीपी मॉडल पर आधारित योजना के अंतर्गत नंदनवन को आधुनिक एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागिता ली जाएगी। बॉटनिकल गार्डन का पुनर्विकास, प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से संवारा जाएगा। परिसर में पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, स्वच्छ सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए नए आकर्षण और गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। सुशासन नीति के तहत राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए पर्यटन के क्षेत्र को नई गति दे रही है। नंदनवन का यह पुनर्विकास प्रकृति, पर्यावरण और आधुनिक जन-सुविधाओं का एक बेहतरीन संगम साबित होगा, जिससे स्थानीय व बाहरी पर्यटकों के अनुभव में बड़ा सुधार आएगा।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरूण कुमार पांडेय, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट, वित्त विभाग सहित समिति के अन्य सदस्य एवं अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी शामिल हुए।

