मिसाल न्यूज़
रायपुर। रायपुर नगर निगम के त्रस्त ठेकेदारों के प्रतिनिधि मंडल ने सीधे नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमनि बोरा को ज्ञापन सौंपकर कार्य पूर्ण होने के बाद भी करोड़ों का भुगतान लंबे समय से नहीं किए जाने की शिकायत की है। नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसियेशन ने ज्ञापन में अपनी शिकायत में यहां तक कह डाला है कि अब तो कुछ अधिकारी भी हमें सलाह देने लगे हैं कि जो आपत्तियां लग रही हैं उस पर कुछ ले देकर आप लोग देयक पारित क्यों नहीं करवा लेते।
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपे गए ज्ञापन की कॉपी ‘मिसाल न्यूज़’ के पास प्रमाण के तौर पर सूरक्षित है। रायपुर नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसियेशन के अध्यक्ष दुर्गेश सिंह ठाकुर ने ‘मिसाल न्यूज़’ को बताया कि एसोसियेशन का प्रतिनिधि मंडल नया रायपुर जाकर महानदी भवन मंत्रालय में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमनि बोरा से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ शासन की ओर से ठेके पर संचालित अंकेक्षण विभाग द्वारा सबसे अधिक फाइलों को लंबित किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि अंकेक्षकों को सभी जोनों में ठेकेदारों से अवैध वसूली का टारगेट दिया गया है। हर एक फाइल के लिये 5 से 10 दिन लगाया जा रहा है तथा उसके बाद ही परीक्षण कर आपत्ति लगाई जाती है। इस पर आश्चर्य की बात यह है कि आपत्तियों का निराकरण होने के बाद फिर आपत्तियां लगाई जाती हैं। इनकी आपत्तियों से तंग आकर नगर निगम के कुछ अधिकारी भी ठेकेदारों से कहने लगे हैं कि भाई कुछ ले देकर देयक पारित करा लो। सामान्य मद तथा संधारण मद के कार्य का पूरा भुगतान लंबे समय से नहीं हुआ है। सामान्य मद का लगभग 5 करोड़ तथा संधारण मद का लगभग 10 करोड़ रूपये का ठेकेदारों का भुगतान लंबित है। रायपुर नगर निगम को शासन से मुद्रांक शुल्क 200 करोड़ तथा बार लाइसेंस 30 करोड़ इन मदों के भुगतान के लिये लिया जाना है। स्वच्छ भारत मिशन मद का भुगतान भी एक से डेढ़ वर्षों से रूका हुआ है।
दुर्गेश ठाकुर ने कहा कि कांट्रेक्टर एसोसियेशन की मांग है कि संचालित अंकेक्षण का ठेका समाप्त कर स्थानीय निधि संपरीक्षा विभाग के माध्यम से अंकेक्षण (ऑडिट) कराया जाए। सामान्य मद तथा संधारण मदों के पूर्ण भुगतान के लिये राशि उपलब्ध कराई जाए। स्वच्छ भारत मिशन में लापरवाही बरतने वालों का राजधानी रायपुर से दूर स्थानांतरण किया जाए।

