मिसाल न्यूज़
1971 में रिलीज़ हुई ऐतिहासिक छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘घर व्दार’ के लिए “सुन सुन मोर मया पीरा के संगवारी रे…आजा नैना तीर… आजा रे, आजा रे…” गीत गाकर छत्तीसगढ़ी सिनेमा के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाने वाली लोकप्रिय गायिका सुमन कल्याणपुर की सांसें रविवार को मुम्बई में थम गईं। वह 89 वर्ष की थीं। ‘घर व्दार’ का निर्माण स्व. विजय कुमार पांडे ने किया था। स्व. विजय पांडे के पुत्र जयप्रकाश पांडे ने ‘घर व्दार’ से जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए स्व, सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
“सुन सुन मोर मया पीरा के संगवारी रे…” गीत सुमन कल्याणपुर ने महान गायक मोहम्मद रफ़ी के साथ गाया था। छत्तीसगढ़ी भाषा के जाने-माने कवि गीतकार स्व. हरि ठाकुर व्दारा लिखे इस गीत की धुन हिन्दी सिनेमा के मशहूर संगीतकार जमाल सेन ने बनाई थी। “सुन सुन मोर मया पीरा के संगवारी रे…” गीत ज़ाफर अली फ़रिश्ता एवं गीता कौशल पर फ़िल्माया गया था। डॉक्टरी रिपोर्ट्स में सुमन कल्याणपुर की मौत की वज़ह उम्र से जुड़ी दिक्कतें बताई गईं। उनकी करीबी दोस्त मंगला खाडिलकर ने बताया कि “सुमन ने रविवार की रात क़रीब 8 बजे अंतिम सांसें लीं। वे पिछले कुछ दिनों से अपने ही गाए हुए गाने सुन रही थीं। उन्होंने बहुत शांति से दुनिया को अलविदा कहा।” उनका अंतिम संस्कार मुम्बई के पवनहंस श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ हुआ। सुमन की आवाज़ की तुलना स्वर कोकिला लता मंगेशकर की आवाज़ से होती थी। फ़िल्म फेयर की एक रिपोर्ट के अनुसार सुमन कल्याणपुर ने 11 भाषाओं में 3000 से ज्यादा फ़िल्मी-गैर फ़िल्मी गाने गाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि देते हुए आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा- “लोकप्रिय गायिका सुमन कल्याणपुर जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायकी ने हमारे सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया। अपने गीतों के माध्यम से उन्होंने संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनके परिवारजनों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना हैं। ओम शांति।”


