मिसाल न्यूज़
रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की आज हुई संचालक मण्डल की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। नगर विकास योजना-3 को ध्यान में रखते हुए शंकर नगर, लाभांडी, कचना एवं जोरा में लाई जा रही योजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।
आरडीए अध्यक्ष नंद कुमार साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों को आवश्यकतानुसार आवास उपलब्ध हो सके इस हेतु बिचौलियों एवं अनावश्यक खरीदी बिक्री को रोकने की दृष्टि से EWS फ्लैट्स का 10 वर्षों तक विक्रय / हस्तांतरण नहीं करने की बाध्यता को स्वीकृति प्रदान की गई।
देवेन्द्र नगर योजना अंतर्गत सिटी सेंटर मॉल के द्वितीय एवं तृतीय तल में स्थित क्षेत्र को लीज होल्ड पर विक्रय किये जाने हेतु तैयार R.F.P. का अनुमोदन किया गया। दो महत्वपूर्ण योजनाएं कमल विहार (कौशल्या विहार) तथा इन्द्रप्रस्थ-02 रायपुरा में विक्रय संपत्तियों के वर्तमान मूल्य में प्रस्तावित 10% वृद्धि को स्वीकृत प्रदान की गई।
संचालक मण्डल द्वारा EWS श्रेणी के फ्लैट्स का विक्रय निविदा के माध्यम से किये जाने का निर्णय लिया गया। बोरियाखुर्द योजना में 1800 फ्लैट्स में से वर्तमान में लगभग 1100 आबंटितियों द्वारा बकाया का भुगतान प्राधिकरण को नहीं किया जा रहा है। ऐसे हितग्राहियों के आबंटन को निरस्त कर फ्लैट्स निविदा के माध्यम से विक्रय करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में टिकरापारा 96 टनामेंट के रिडेव्हलपमेंट कार्य हेतु निविदा दर की स्वीकृति प्रदान करते हुए मूल आंबटितियों को फ्लैट्स आबंटन पश्चात् शेष सभी फ्लैट्स एवं दुकानों को निविदा के माध्यम से विक्रय किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कौशल्या माता विहार, इन्द्रप्रस्थ एवं बोरियाखुर्द योजना में फ्लैटों के दोहरे आबंटन के प्रकरण का निराकरण हितग्राहियों में आपसी सहमति से आरक्षण नीति का पालन करते हुए पूर्व आबंटित तल या उससे ऊपर का तल दिये जाने की शर्तों का पालन करते हुए रिक्तता के आधार पर प्रस्तुत प्रस्ताव पर संचालक मण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
अफसरों ने अवगत कराया कि रायपुर विकास प्राधिकरण के वर्तमान वेबसाईट rda.cgstate.gov की जगह नवीन डोमेन नाम rda raipur.cgstate.gov.in किया जा रहा है। इससे विभिन्न मदो के समस्त ऑन लाइन भुगतान, विक्रय हेतु उपलब्ध संपत्तियों की सूची का अवलोकन एवं क्रय की सुविधा तथा ऑनलाइन जन शिकायत की सुविधा प्राप्त होगी।
प्राधिकरण के विरूद्ध उच्च न्यायालय में प्रकरणों में प्राधिकरण के हितों का प्रभावी संरक्षण हेतु पूर्व से निर्मित पैनल में और नये अधिवक्ताओं को प्राधिकरण के पैनल में सम्मिलित किये जाने की अनुमति प्रदान की गई।

