31 अक्टूबर तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का लक्ष्य पूरा हो : कलेक्टर

0 नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित

मिसाल न्यूज़

रायपुर। रायपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में आज रेडक्रॉस सभा कक्ष में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कलेक्टर ने टॉप प्रायोरिटी ग्राम पंचायतों में अक्टूबर 2026 तक निर्धारित 15 प्रतिशत लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। जब गांव की पूरी टीम यह संकल्प ले ले कि गांव को स्वच्छ रखना है, तो उसे स्वच्छ बनाए रखना संभव हो जाता है। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से अपने गांवों में बैठक आयोजित कर स्थानीय स्तर पर बेहतर कार्य योजना तैयार करने और उपलब्ध सरकारी संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने का आह्वान किया।

कलेक्टर ने घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरा संग्रहित किया जाए। साथ ही स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए तथा चार प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण किया जाए। स्वच्छाग्राही समूहों द्वारा डोर-टू-डोर कलेक्शन, स्वच्छता शुल्क के नियमित संग्रहण एवं भुगतान की व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप 31 अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सभी निर्धारित कार्यों को पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि जिले की लगभग 90 ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुरूप विकसित किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

बैठक में जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने, राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा में पूर्ण करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बीडब्ल्यूजी (BWG) के चयन एवं पंजीयन, उनकी जिम्मेदारियों, 16वें वित्त आयोग की राशि के अभिसरण, बालिका शौचालय निर्माण तथा जल संरक्षण से संबंधित विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा बैठक में जिले के चारों विकासखंडों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के अधिकारी तथा लगभग 90 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।

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