छत्तीसगढ़ में गोधाम जैसा शब्द प्रयोग में नहीं, सरकार का संस्कृति से कोई सरोकार ही नहीं- धनेन्द्र साहू

मिसाल न्यूज़

रायपुर। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता  धनेन्द्र साहू ने कहा है कि भाजपा सरकार गोठान के बदले गोधाम खोलने जा रही है। सिर्फ नाम बदलकर नई बोतल में पुरानी शराब भरने में भाजपा सरकार ने दो साल लगा दिया। गोठान शब्द हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति में स्थापित गांव का गौरवशाली पारंपरिक नाम था । छत्तीसगढ़ में गोधाम शब्द का कहीं भी प्रयोग नहीं होता। ये लोग छत्तीसगढ़ के संस्कृति के विरोधी लोग हैं। इनका छत्तीसगढ़ की संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है।

धनेन्द्र साहू ने एक बयान जारी कर कहा कि गोठान नाम से भाजपा की सरकार को इतना नफरत है तो 2 साल का समय नाम बदलने में क्यों लगा दिये। जो व्यवस्था कांग्रेस शासन काल में सुचारू रूप से संचालित हो रहा थी उसे लगातार जारी न रखकर वर्तमान की भाजपा सरकार ने उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया। कांग्रेस शासनकाल के 5 साल में सरकारी कोष से करोड़ों रूपये खर्च कर अनेक गोठान गांव-गांव में बनाए  गए। अनेक गोठान आत्मनिर्भर हो चुके थे। शासन के सहयोग की कहीं जरूरत नहीं रह गई थी। यहां पर वर्मी कम्पोस्ट खाद उत्पादन के अतिरिक्त महिला समुहों बाड़ी योजना के अतर्गत सब्जी उगाकर बेचते थे एवं मछली-मुर्गी पालन योजना के अतर्गत मछली एवं मुर्गी पालन करते थे। गोठानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया गया था । डेढ़ साल तक भाजपा सरकार की अनदेखी के कारण अनेक गोठान बर्बाद हो गए हैं। फेंसिंग तार, गौठान में लगे पम्प, तौलने का सामान एवं शेड चोरी हो गए हैं। गोठान की जमीन पर अवैध कब्जे हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा शासन की गोधाम योजना की घोषणा में गौ सेवकों एवं चरवाहों को वेतन देने की बात तो कही गई है लेकिन चारा-पानी की व्यवस्था कैसे होगी एवं अन्य रख-रखाव, संचालन के लिए गौठान को कितनी राशि दी जायेगी यह स्पष्ट नहीं किया गया है। साथ ही सांथ तथाकथित गोधाम कब तक प्रारंभ होेंगे यह सरकार ने स्पष्ट नहीं किया है । प्रदेश में सैकड़ों की संख्या में गौवंश वाहनों से कुचल कर मर रहे हैं। किसानों की लाखों की फसलें बरबाद हुई हैं।

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