25 दिसंबर तक चलेगा आत्मनिर्भर भारत अभियान, ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश- संतोष पाण्डेय

मिसाल न्यूज़

रायपुर। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर तेज़ी से अग्रसर है। हाल के ऐतिहासिक जीएसटी क्रांति और उससे पहले आयकर की दरों में ऐतिहासिक छूट देकर, सभी तरह के कर कानूनों का सरलीकरण कर मोदी जी ने ‘विकसित भारत’ की राह को प्रशस्त किया है। मोदी जी के इस मूल मंत्र को अपनाकर पार्टी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया है। यह अभियान 25 सितंबर पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से प्रारम्भ हुआ है और 25 दिसंबर को छत्तीसगढ़ निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती तक चलेगा। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी की भावना के साथ इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन और आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा जैसी कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। इस अभियान का उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को हर भारतीय तक पहुँचाना है।

कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता में संतोष पाण्डेय ने कहा कि नागरिकों को राहत, व्यापार सुगमता, कर सरलीकरण का अंतिम ध्येय भारत को विकसित बना देश के 140 करोड़ नागरिकों का जीवन आसान बनाना है। देश यह कभी नहीं भूलेगा कि प्रधानमंत्री ने कोरोना की वैश्विक महामारी के समय सबसे पहले ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया था। उस समय की भयानक आपदा को भी ऐसा अवसर बना देना, किसी चमत्कारिक नेतृत्व के वश की ही बात है। प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प सिर्फ एक संकल्प नहीं, बल्कि देश भक्ति की अभिव्यक्ति भी है।

पाण्डेय ने कहा कि पिछले एक दशक से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में स्वदेशी को लेकर जिस तेजी से काम हुआ है, उसका असर सैन्य उपकरणों के निर्यात से लेकर अंतरिक्ष, वैक्सीन हर जगह भारत की बढ़ती धाक में देखा जा सकता है। यदि सिर्फ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को देखें तो 2014 से पहले जहां हम बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर थे वहीं अब आत्मनिर्भर होते हुए रक्षा निर्यातक बन चुके हैं। भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 में 1 हजार 941 करोड़ रूपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 23 हजार 622 करोड़ रूपए हो गया है। आज हमारे देश ने विश्व के तीसरे सबसे बड़े स्टार्ट अप इको सिस्टम के रूप में स्थापित कर लिया है, जहां 17 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। भारत में 100 से अधिक यूनिकॉर्न आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक है। सही अर्थ में प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से अंत्योदय के उद्देश्य को भी पूरा कर रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को पूरा करने के लिए न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन के ध्येय पर चलते हुए मोदी जी के नेतृत्व में देश में आर्थिक और नीतिगत सुधारों का जो दौर चल रहा है, उसका सबसे अधिक लाभ गरीब, किसान, महिलाओं, मध्यम वर्ग को मिला है।

पाण्डेय ने कहा कि जीएसटी सुधार लागू होने के बाद जिस तरह का उत्साह देखने को बाज़ारों में मिल रहा है, वह अद्भुत है। बाजार भ्रमण के दौरान देखा गया कि लोगों में जीएसटी 2.0 और स्वदेशी उत्पादों को लेकर विशेष उत्साह है। बाज़ार भ्रमण के दौरान व्यवसायी बंधुओं से भेंट कर उन्हें भी स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का लिए प्रेरित किया गया। सभी आज इस बात पर एकमत हैं कि हम स्वदेश निर्मित उत्पादों से आत्मनिर्भर होकर विकसित भारत का स्वप्न साकार करेंगे। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। इस दशक के अंत तक हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर हैं। छत्तीसगढ़ का जीएसडीपी भी पांच वर्ष में दुगना कर उसे 10 लाख करोड़ करने का लक्ष्य लेकर हम कार्य कर रहे हैं।

पाण्डेय ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत का अग्रणी राज्य बने। इसके लिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। यहां की समृद्ध संस्कृति, परंपरागत कला, शिल्प और संसाधन आत्मनिर्भरता के सशक्त उदाहरण हैं। बस्तर की लोक कला, चांपा का कोसा और जशपुर की कॉफी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। महिला स्व-सहायता समूहों ने हर्बल उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाया है। बस्तर आर्ट, डोकरा, टेराकोटा जैसी कलाएं भारत की सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन रही हैं। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर हम अपने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं।

पाण्डेय ने कहा कि देश में आर्थिक और नीतिगत सुधारों का जो दौर चल रहा है, उसका सबसे अधिक लाभ गरीब, किसान, महिलाओं, मध्यम वर्ग को मिला है। दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक प्रयोग देशभक्ति और राष्ट्र की सेवा का भी माध्यम है। हम सभी देशवासी देशसेवा के उपक्रम स्वदेशी को आत्मसात करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को साकार करें। नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और आगामी त्योहारों के अवसर पर यह एक सुनहरा मौका है, जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर बचत भी करें और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाएं। हम सभी मिलकर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लें।

पत्रकार वार्ता में सांसद एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान की प्रदेश संयोजक श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, भाजपा प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय, खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य छगनलाल मूंदड़ा मौजूद थे।

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