● विधानसभा का शीतकालीन सत्र
मिसाल न्यूज़
रायपुर। विधानसभा में आज बेरोजगारी भत्ता बंद होने का मामला जमकर उठा। विपक्षी कांग्रेस विधायक दल ने आरोप लगाया कि सरकार अपने बजट में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान तो रखी है लेकिन दे नहीं रही है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं आने की बात कहते हुए सारे कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल का सवाल था कि छत्तीसगढ़ राज्य में 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में पंजीकृत बेरोजगारों की कुल संख्या क्या है? राज्य में पंजीकृत बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध होने राज्य शासन के व्दारा किये जा रहे प्रयास, कार्ययोजना तथा प्रस्तावित लक्ष्य एवं इसके लिए निर्धारित समय क्या है?
कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब कि तरफ से जवाब आया कि छत्तीसगढ़ राज्य में 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में पंजीकृत रोजगार इच्छुकों की संख्या 11 लाख 39 हजार 656 है। राज्य में पंजीकृत बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश के समस्त जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्रों द्वारा रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
लखेश्वर बघेल ने कहा कि हर साल 5 से 8 लाख लोग 12 वीं, स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षा पास करके निकलते हैं। ऐसे में पंजीकृत शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 11 लाख पर ही कैसे ठहरी हुई है? विभिन्न शैक्षणिक योग्यता प्रशिक्षण देने की बात की जाती रही है। कितने लोगों को कौन से वर्ग में नौकरी दी गई? खुशवंत साहेब ने कहा कि रोजगार मेला व केम्प लगाए जाते रहे हैं। स्थानीय कंपनियों को भी उसमें बुलाते हैं। जल्द रोजगार मेला का आयोजन करेंगे। 14 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देंगे।
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि पिछली सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देना शुरु किया था। इसे बंद क्यों कर दिया गया? खुशवंत साहेब ने कहा कि युवा वर्ग को हम सक्षम बनाने का काम कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में बेरोजगारी भत्ते के सवाल पर लिखित में उत्तर मिला था इसे बंद नहीं किया गया है। जब बंद नहीं किया गया है तो दे क्यों नहीं रहे हैं? खुशवंत साहेब ने कहा कि आपके समय में रोजगार इच्छुक लोगों को रोजगार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। हमने ऑन लाइन किया। उमेश पटेल ने कहा कि इसे आपने शुरु नहीं किया, हमारे ही कार्यकाल में शुरु हो गया था। भूपेश बघेल ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि जब बजट में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान रखा गया है तो इस दे क्यों नहीं रहे हैं? यह बेरोजगारों के साथ धोखा है। मंत्री की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं आ रहा है। इसके विरोध में हम वाक आउट करते हैं। इसके साथ ही सारे कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गए।

