विधानसभा में फिर राशन कार्ड धांधली की गूंज… सुशांत शुक्ला ने उठाया मामला…

मिसाल न्यूज़

रायपुर। विधानसभा में आज धांधली कर एपीएल राशन कार्ड को बीपीएल राश्न कार्ड में बदल दिए जाने के मामले को भाजपा विधायक सुशांत सिंह ने फिर जमकर उठाया। अन्य भाजपा विधायकगण अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह एवं धरमलाल  कौशिक भी सुशांत शुक्ला के पक्ष में बोलते नजर आए।

प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला का सवाल था कि क्या बिलासपुर जिला अंतर्गत वर्ष 2023 से नवम्बर 2025 की अवधि तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली हेतु एपीएल राशनकार्डधारियों को परिवर्तित कर बीपीएल राशनकार्ड जारी किया गया है? यदि हां तो कितने राशन कार्ड परिवर्तित किए गए हैं? क्या एपीएल राशन कार्ड से बीपीएल राशन कार्ड परिवर्तित करने के लिए हितग्राहियों से सहमति ली गई? यदि नहीं तो कारण बतावें, इस हेतु दोषी अधिकारियों पर क्या-क्या कार्यवाही की गई ?

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की ओर से जवाब आया कि इस पर हुई शिकायत की जाँच कराई गई है। प्राप्त जॉच रिपार्ट पर कार्यवाही विचाराधीन है। विधानसभा में पहले भी इस पर प्रश्न लगा था। जांच भी हुई थी। 19 में से 15 राशन कार्ड एपीएल से बीपीएल में परिवर्तित हुए थे। 4 बिना जानकारी के परिवर्तित हुए। यह बिलासपुर नगर निगम के जोन 4 से संबंधित मामला रहा है। जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर ऐसा हुआ था।

सुशांत शुक्ला ने कहा कि स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। ढाई सौ से ज्यादा कार्ड बदले गए होंगे। छत्तीसगढ़ के पीडीएस सिस्टम को विश्व स्तर का बताया जाता रहा है और राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की भी बातें होती रही हैं। मेरा प्रश्न यह कि इसके लिए जो जांच कमेटी बनी उसने मुझसे तथ्य लेना मुनासिब क्यों नहीं समझा, जबकि मेरे व्दारा यह विषय पूर्व में भी उठाया जा चुका है।

दयालदास बघेल ने पुनः दोहराया कि जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर कार्ड बने थे। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था। हमारे विभाग व्दारा एफआईआर करवाई गई थी।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रश्नकर्ता जो कह रहे हैं, मंत्री उससे इंकार कर रहे हैं। कल इस पर आधे घंटे की अलग से चर्चा करा ली जाए। भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि सुशांत शुक्ला ने पिछले साल भी इस मामले को उठाया था। जो जांच हुई उनसे तथ्य मांगे जाने चाहिए थे। इस पर अलग से आधे घंटे की चर्चा करा ली जाए या सदन की हाई पावर कमेटी से इसकी जांच करा ली जाए। सुशांत शुक्ला ने भी कहा कि इस पर अलग से आधे घंटे की चर्चा रख लें। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि जवाब में आखरी में बताया गया कि एफआईआर कराई गई। सवाल यह कि गलत-सलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही होगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *