छत्तीसगढ़ी फ़िल्म के गाने की खुशबू हर तरफ फैल रही है-प्रतिभा पांडे

मिसाल न्यूज़

भोजपुरी फ़िल्मों की जानी-मानी एक्ट्रेस प्रतिभा पांडे हाल ही में छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘मोर मया ला राखे रहिबे’ में नज़र आई। इस फ़िल्म में इनके और हीरो बॉबी खान पर फ़िल्माए गाने “सुन ले ओ सुन ले तैं सुन जवारा…” की काफ़ी धूम रही। प्रतिभा ने अपने फ़ेस बुक अकाउंट में इस गाने को शेयर करते हुए जो बात लिखी उसने सवाल खड़े कर किए हैं। प्रतिभा ने फ़ेस बुक पर लिखा कि “दोस्तों भोजपुरी में भी साफ सुथरी फ़िल्म और गाने बनाएं ताकि हमारा सारा परिवार बैठकर उस फ़िल्म को देख सके। बरसों बीत जाने के बाद भी मैं इस काम को इसलिए अंजाम नहीं दे सकी क्योंकि लोगों का कहना है कि मसाला ज़रूरी है। छत्तीसगढ़ी फ़िल्म के इस गाने को देखिए जिसमें अपनी संस्कृति की खुशबू है और वह हर जगह फैल रही है।” प्रतिभा आगे भी छत्तीसगढ़ी फ़िल्में करना चाहती हैं बशर्ते रोल दमदार हो।

प्रतिभा पांडे का जन्म उत्तरप्रदेश के नरही गांव (बलिया जिला) में हुआ। प्रतिभा के दादा स्व. महेश्वर पांडे नियमित रूप से रामायण पढ़ा करते थे। जन्माष्टमी पर्व पर उनके घर का माहौल उत्सव जैसा रहा करता था। दादा जी से ही उन्हें कला के क्षेत्र में आने की प्रेरणा मिली। प्रतिभा की शुरुआत गाने से हुई। लखनऊ में रहकर भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से संगीत की शिक्षा ली। प्रतिभा बताती हैं- “टाइम्स म्यूज़िक ने मेरा पहला अलबम ‘चूप चूप खड़े हो’ रिलीज़ किया था। इस गाने को शूट किया था बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध फोटोग्राफर जगदीश माली जी ने। रही सिनेमा की बात तो 2006 से कर रही हूं। मैंने श्री इंटरटेनमेंट के नाम से खुद का प्रोडक्शन हाउस डाला। श्री इंटरटेनमेंट के बैनर तले मैंने पहली भोजपुरी फ़िल्म वहां के स्टार कलाकार रवि किशन के साथ ‘हमरा से ब्याह करबा’ की थी। इस फ़िल्म ने भोजपुरी सिनेमा में धूम मचा दी थी। इसके बाद श्री इंटरटेनमेंट के बैनर तले ‘विधाता’, ‘सजना सजहबे मांग’ एवं ‘जय हो दुल्हे राजा’ जैसी भोजपुरी फ़िल्में बनीं। इन सभी फ़िल्मों के हीरो रवि किशन थे और हीरोइन मैं। खुद के प्रोडक्शन हाउस एवं बाहर की मिलाकर मैंने 30 के आसपास भोजपुरी फ़िल्में की। आगे चलकर हमने खुद का प्रतिभा इंटरटेनमेंट के नाम से यू ट्यूब चैनल शुरु किया। मैंने अभिनय के अलावा सिंगिंग भी किया। अनूप जलोटा जी, उदित नारायण जी एवं विनोद राठौर जी जैसे फ़ेमस सिंगर के साथ गाने गा चुकी हूं। फ़िल्मों की तुलना में मुझे इवेंट ज़्यादा रास आते रहा है। मेरी इवेंट कंपनी का नाम है- दि ग्रैंड इवेंट प्रतिभा पांडे। कहने में कोई हिचक नहीं की इवेंट में मैंने ज़्यादा पैसा कमाया।”

छत्तीसगढ़ी सिनेमा में आप कैसे आईं, यह पूछने पर प्रतिभा बताती हैं- “भोजपुरी सिनेमा के जाने-माने डायरेक्टर मिथलेश अविनाश जी मेरे पास छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘मोर मया ला राखे रहिबे’ का प्रस्ताव लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि ‘मोर मया ला राखे रहिबे’ भोजपुरी भाषा में भी बन रही है और दोनों में ही तुम्हें काम करना है। मैं यह फ़िल्म करने सहर्ष तैयार हो गई। ‘मोर मया ला राखे रहिबे’ के शूट के लिए जब छत्तीसगढ़ आई तो जाना छत्तीसगढ़ी फ़िल्म इंडस्ट्री अपने आप में काफ़ी बड़ी है और यहां साफ सुथरी फ़िल्म बनाने का चलन है। ‘मोर मया ला राखे रहिबे’ जब पिछले 12 अगस्त को रिलीज़ हुई तो प्रमोशन के सिलसिले में एक बार फ़िर छत्तीसगढ़ आना हुआ। मैंने पाया कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा पिछले चार-पांच वर्षों में और काफ़ी बदल चुका है। लगातार फ़िल्में रिलीज़ हो रही हैं। लगातार शूट चल रहे हैं। यहां के सारे हीरो-हीरोइन काफ़ी व्यस्त चल रहे हैं। फिर सबसे बड़ी बात यह कि यहां के लोग बड़े अच्छे हैं अनावश्यक रूप से टांग खिंचाई नहीं करते। ऐसी फ़िल्म इंडस्ट्री से कौन नहीं जुड़ना चाहेगा। फ्यूचर में भी किसी छत्तीसगढ़ी फ़िल्म में कोई अच्छा रोल ऑफर होता है ज़रूर करूंगी।”

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