● कारवां (6 मार्च 2022)- अग्नि की बढ़ी चमक

■ अनिरुद्ध दुबे

छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल गया है। चंद्राकर पूर्व में विधायक रह चुके हैं। उनकी छवि एक शालीन नेता के रूप में रही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में जब उन्हें महासमुन्द से टिकट नहीं मिली तो वे दिली तौर पर बेहद आहत हुए थे। उनके आचार व्यवहार को देखकर यही लगने लगा था कि राजनीति से उनका मन उचट गया है। लेकिन अच्छा समय लाने के लिए कोई न कोई माध्यम बन ही जाता है। राजनीति के गलियारे में कभी-कभी सुनने मिल जाता है कि मुखिया के बेहद क़रीबी एक युवा नेता ने चंद्राकर के बीज निगम अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता आसान किया। अब उसी नेता ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा वाला गौरव भी दिलाया है। हाल ही में मुखिया अपने एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान जब अपने बेहद क़रीबी लोगों के साथ सेल्फी लिए तो उसमें वह युवा नेता भी नज़र आया था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद किसी का भी दौर रहा हो, उस युवा नेता का वजन कभी कम नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ए, आर और बी अक्षर से शुरू होने वाले सारे बड़े लोगों से इस युवा नेता का गहरा तालमेल रहा है। मामला क्वालिटी का है। जिसके पास जितनी बड़ी ख़ूबियां वह उतने ही बड़े लोगों के क़रीब।

रायपुर और रेव पार्टी!

बिलासपुर की सिरगिट्टी थाना पुलिस ने हाल ही में ड्रग्स के साथ दो पुरुष एवं एक महिला को पकड़ा। इनके पास से 10 ग्राम ड्रग्स जब्त किया गया। सिरगिट्टी थाना पुलिस का दावा है कि यह ड्रग्स बस से रायपुर पहुंचाने की तैयारी थी। रायपुर में कहीं होने वाली रेव पार्टी के लिए यह ड्रग्स भेजा जा रहा था। बिलासपुर एसएसपी पारुल माथुर का कहना है कि “पकड़े गए आरोपी मोहरा मात्र हैं। पुलिस इनके सरगना तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।“ उल्लेखनीय है कि रेव पार्टी लुके-छिपे की जाती है। पार्टी में मौजूद लड़के लड़कियां नशे में मदमस्त हो जाते हैं। कभी-कभी तो यह पार्टी दो दिन तक भी खींच जाती है। कुछ साल पहले राजधानी रायपुर में रेव पार्टी आयोजित करने में अग्रणी रही एक महिला का नाम सुर्खियों में रहा था। बताते हैं यह महिला इवेंट की दुनिया से जुड़ी रही है। वैसे भी रायपुर शहर शराब एवं ड्रग्स के मामले में काफ़ी आगे बढ़ चुका है। बेहद कड़े कोरोना लॉकडाउन के समय रायपुर में जब दोपहर बाद दूध तक उपलब्ध नहीं रहा करता था, रात के सूनसान में वीआईपी रोड पर स्थित एक क्लब में शराब बह रही थी और नशे का अन्य सामान भी आसानी से उपलब्ध था। पुलिस ने क्लब में नशे की हालत में झुमते लड़के लड़कियों को पकड़ा था। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि रायपुर अब कहां पर है।

रेमो डिसूजा के शो में काम

दिलाने के नाम पर ठगी

राजनांदगांव के नेता मेहुल मारू धोखाधड़ी के शिकार हो गए। उनके बेटे को बॉलीवुड के मशहूर डॉसर रेमो डिसूजा के रियलिटी शो में काम दिलाने के एवज में भुसावल के एक युवक ने सवा दो लाख वसूल लिए। रियलिटी शो में तो इंट्री हुई नहीं और वसूलीबाज ने मेहुल को पैसा भी वापस नहीं लौटाया। थक हारकर मेहुल को पुलिस की शरण में जाना पड़ा। राजनांदगांव कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है। छत्तीसगढ़ में कितने ही लोग पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी के शिकार हो चुके हैं। राजधानी रायपुर में रह रही एक विवाहित युवती एक ब्यूटी कॉटेस्ट जीती थी। फ़ेस बुक पर उसने कभी अपना ऐसा फोटो शेयर किया था कि देखने वालों की नज़र देर तक उस पर ठहरी रहती थी। उसे मुम्बई के किसी लंपट किस्म के व्यक्ति ने यह कहते हुए झांसे में ले लिया था कि चर्चित सीरियल ‘बिग बॉस’ में काम दिलवा दूंगा। काम दिलवाने के नाम पर उस लंपट ने युवती से बड़ी रकम वसूली थी। युवती का ‘बिग बॉस’ में तो नंबर लगा नहीं, जो पैसा दिया था वो भी वापस नहीं हुआ। एक और दास्तान छत्तीसगढ़ राज्य बनने से पहले की है। रायपुर के एक टोपीबाज ने कस्बाई एवं ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ लड़कों को यह कहते हुए लपेटे में ले लिया था कि मुम्बई चलो वहां सीरियल और फ़िल्मों में काम दिलवाउंगा। मुम्बई ले जाने से पहले उसने लड़कों से बड़ी रकम वसूली थी। मुम्बई ले जाकर युवक उन लड़कों को इधर से उधर घुमाते रहा और किसी को कोई काम नहीं मिला। उस युवक की बदनामी का आलम यह थी कि मुम्बई के सीरियल बनाने वाले एक प्रोडक्शन हाउस में उसकी फोटो इस कैप्शन के साथ टांग कर रखी गई थी कि “इससे सावधान रहें, ये धोखेबाज है।“

कर्ज़ में डूबे आरडीए के

ख़िलाफ़ बैंक गया कोर्ट

कमल विहार बसाने के लिए रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने सेंट्रल बैंक से 493 करोड़ का कर्ज़ तो ले लिया लेकिन आज उसे अदा करने की स्थिति में वह कहीं से नहीं है। ऊपर से नगर निगम जो बार-बार बकायादारों की सूची जारी कर रहा उसमें वह आरडीए को लाखों का कर्ज़दार बताने से पीछे नहीं हट रहा है। सेंट्रल बैंक ने हारकर कोर्ट की शरण ले ली है। बताते हैं साल भर पहले आरडीए और सेंट्रल बैंक के बीच वन टाइम में 235 करोड़ अदा करने का सेंटलमेंट हुआ था। उस समझौते में भी कोई समाधान नहीं निकला। आरडीए ने अपनी तंगहाली का वर्णन करते हुए राज्य शासन को पत्र लिखा था कि 235 करोड़ उपलब्ध करा दें। आरडीए की इस उम्मीद को शासन पूरी नहीं कर सका। मार्च या अप्रैल में आरडीए का बजट पेश होना है। देखने लायक बात यह रहेगी कि इस तंगहाल स्थिति में आरडीए अपने बजट में कौन सी नई योजनाएं सामने लाता है।

निगम के ख़िलाफ़ सड़क पर

उतरे गोल बाज़ार के व्यापारी

राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक गोल बाजार के बारे में न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि छत्तीसगढ़ के दूसरे शहरों के लोग भी गहरी जानकारी रखते हैं। यह गोल बाजार ही है जहां 1 रुपये की सुई से लेकर दस लाख तक का सामान मिलता है। नगर निगम गोल बाज़ार में बरसों से पट्टे पर रहे दुकानदारों को मालिकाना हक़ देकर बाज़ार को ख़ूबसूरत नया स्वरूप देना चाह रहा है। वार्ताओं के कई दौर के बाद भी निगम व व्यापारियों के बीच कुछ बिन्दुओं पर सहमति नहीं बन पाई है। ये कुछ बिन्दु ऐसे हैं कि मामला काफ़ी लंबा खिंचता दिख रहा है। इधर, नगर निगम के नेतागण इस प्रोजेक्ट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिए हैं। हाल ही में प्रमोशन पाए मासूम दिखने वाले एक युवा अधिकारी का नगर निगम से कहीं और तबादला हो रहा था। उन्हें निगम में सिर्फ़ इसलिए रोककर रख दिया गया है कि येन-केन-प्रकारेण गोल बाज़ार योजना को अंजाम तक पहुंचाना है। व्यापारियों का कहना है कि विकास शुल्क एवं निर्माण शुल्क को लेकर निगम ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। व्यापारियों ने शनिवार को विशाल मानव श्रृंखला बनाकर नगर निगम के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि गोल बाज़ार के सैकड़ों की संख्या में व्यापारी इस तरह विरोध प्रदर्शन पर उतरे हों। प्रदर्शनकारियों में करोड़पति व्यापारियों के साथ वो महिलाएं भी शामिल थीं जो हंडी, दिए व चूड़ियां बेचती हैं। इस तरह प्रदर्शन में नारी शक्ति पीछे नहीं रही।

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