‘मार डारे मया म’ में माटी की महक- अनुज शर्मा

मिसाल न्यूज़

अनुज शर्मा स्टारर फ़िल्म ‘मार डारे मया म’ 8 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। छत्तीसगढ़ी भाषा की यह पहली फ़िल्म है जिसका अमेरिका में प्रीमियर हुआ। अनुज कहते हैं कि “मार डारे मया म में छत्तीसगढ़ की माटी की महक है। रिश्तों का ताना-बाना है। प्रेम है तो हास्य भी है। इसके पोस्टर, गाने एवं ट्रेलर को लोगों ने पसंद किया। मुझे पूरा विश्वास है कि यह फ़िल्म दर्शकों के अंतर्मन को छू जाएगी। सिनेमा हाल से जो भी इस फ़िल्म को देखकर निकलेगा दूसरे को भी देखने के लिए प्रेरित करेगा।“

‘मिसाल न्यूज़’ से बातचीत करते हुए अनुज शर्मा ने कहा कि “मार डारे मया म एक पारिवारिक फ़िल्म है। किसी भी फ़िल्म की सफलता के पीछे निर्माता और निर्देशक का बड़ा हाथ होता है। निर्माता गजेन्द्र श्रीवास्तव जी ने फ़िल्म को भव्य स्वरूप देने में अपनी तरफ से कोई कसर बाक़ी नहीं रखी। निर्देशक मनीष मानिकपुरी ने इस फ़िल्म के पीछे जी तोड़ मेहनत की है। मनीष प्रोजेक्ट में इस क़दर डूबे नज़र आते थे मानो उनके सामने दिन-रात का फ़र्क न रहा हो। डीओपी सिद्धार्थ सिंह के बारे में यही कहूंगा कि कैमरे के अब वे बड़े खिलाड़ी हो चुके हैं। कौन से सीन को कैसे पिक्चराइज़ करना है सिद्धार्थ को इसकी गहरी समझ है।“ आपने फ़िल्म के 3 मजबूत स्तंभ के बारे में तो बता दिया और एक्ट्रेस लिप्सा मिश्रा के बारे में पूछा जाए तो? इस सवाल पर अनुज कहते हैं- “लिप्सा ओड़िशा फ़िल्म इंडस्ट्री से हैं। अपनी फ़िल्म ‘मोर यार सुपर स्टार’ के सिलसिले में मैं ओड़िशा गया था। वहां की प्रोडक्शन टीम के एक अहम् हिस्सा थे देवाशीष। मैंने देवाशीष से कहा था कोई अच्छी आर्टिस्ट बताएं। देवाशीष ने लिप्सा का वीडियो भेजा। वीडियो में उनका एक गाना बेहतरीन लगा। मैंने लिप्सा से बात की और पूछा कि क्या आप छत्तीसगढ़ी फ़िल्म करना चाहेंगी? उन्होंने बड़े उत्साह के साथ कहा- सर मुझे आपके साथ काम करना है। फिर मैंने मनीष एवं गजेन्द्र जी के समक्ष लिप्सा का सूझाव रखा। प्रोड्यूसर एवं डायरेक्टर ने भी यही महसूस किया कि ‘मार डारे मया म’ के लिए जिस बड़े नखरे वाली लड़की की तलाश है उसके साथ लिप्सा न्याय कर सकती हैं। वह न सिर्फ़ अभिनय में माहिर हैं, बल्कि उनका डॉस भी गज़ब का है। फ़िल्म के टॉप मेंबरों से लेकर स्पॉट बॉय तक उन्होंने सब का दिल जीत लिया। उनके पास छत्तीसगढ़ी फ़िल्मों के लगातार ऑफर आ रहे हैं। कुछ फ़िल्में वे कर भी रही हैं। छत्तीसगढ़ी सिनेमा में उनका भविष्य उज्जवल है।“

आपका 22 साल का फ़िल्मी सफ़र है जो कि कम नहीं होता, कैसी रही यात्रा पूछने पर अनुज कहते हैं- “मैंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया। अपना काम पूरी ईमानदारी से करने पर विश्वास रहा। बाकी किसी भी फ़िल्म पर अंतिम फैसला तो जनता जनार्दन का ही होता है। सेल्यूलाइड (फ़िल्मी रील) के ज़माने में मैंने अपने कैरियर की शुरुआत की थी। अभी की तुलना में पहले पिक्चराइजेशन कठिन हुआ करता था। आगे चलकर चीजें आसान हुईं लेकिन दूसरी तरह की चुनौतियां सामने आने लगीं। फ़िल्म बनाने को लोग हॅसी खेल में लेने लगे, जबकि यह गंभीर विधा है। सन् 2019 में आपकी फ़िल्म ‘सॉरी लव यू जान’ आई थी, क्या ढाई साल का गेप लंबा नहीं होता। फिर सिनेमा में नई पीढ़ी भी आ गई है, प्रतिस्पर्धा के इस दौर में क्या किसी किस्म की बेचैनी होती है? इस सवाल पर अनुज कहते हैं- “मैं क्यों बेचैन रहने लगा। फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत से लेकर अब तक अपने काम में मशगूल रहा। मेरे चाहने वाले तब भी थे, अब भी हैं। आज भी मेरे पास वक़्त की मारामारी है। बेचैन वो होते हैं जो ख़ुद को असूरक्षित महसूस करते हैं। हिन्दी सिनेमा हो या रीजनल सिनेमा सब के लिए जगह होती है। क्या रणबीर कपूर, रणबीर सिंह व कार्तिक आर्यन के आने से आमिर खान, शाहरुख़ खान एवं सलमान खान आउटडेटेड हो गए? आज भी लोग अमित जी की फ़िल्में देखने जाते हैं। अमित जी आज तक इसलिए टिके रहे कि वे अच्छे प्रोजेक्ट करते रहे। पिछले 22 सालों में मैंने कई दौर को जिया।“

‘मारे डारे मया म’ के संगीत की काफ़ी चर्चा होती दिख रही है, यह जिक्र करने पर अनुज कहते हैं- “सुनील सोनी एवं नवल दास मानिकपुरी जी ने इसका शानदार म्यूजिक तैयार किया है। मुझे शुरु से यक़ीन था कि इसका संगीत हिट होगा। “फुलहासन लागे…” गाना मेरी अपनी पसंद का रहा। दूसरा गाना “घेरी बेरी……” भी काफ़ी पसंद किया जा रहा है। “ मार डारे मया म बतौर डायरेक्टर मनीष मानिकपुरी की पहली फ़िल्म है, उनके साथ काम का कैसा एक्सपीरियेंस रहा? इस सवाल पर अनुज कहते हैं- “मनीष डायरेक्शन में 100 प्रतिशत खरे उतरे हैं। वे मेरे फेवरेट डायेरक्टर हैं। स्क्रीप्ट, डायलॉग, इमोशंस, एडीटिंग एवं म्यूजिक इन सभी का उन्हें गहरा ज्ञान है। मैं तो उन्हें कंप्लीट डायरेक्टर कहूंगा।“ अनुज की अपने खुद के बारे में क्या राय है यह पूछने पर वे कहते हैं- “अपना काम करते रहना और हर काम को पहले से और ज़्यादा बेहतर करना।“ क्या अपकी फ़िल्म ‘मोर यार सुपरस्टार’ की रिलीजिंग ज़्यादा लंबा नहीं खींच रही, इस सवाल पर वे कहते हैं “कोरोना का दौर नहीं आया होता तो यह फ़िल्म कब की रिलीज़ हो गई होती। इसके गाने व टीज़र आ चुके हैं। उम्मीद है कि यह ज़ल्द रिलीज़ होगी। अनुज ने अभिनय को लंबा जिया क्या कोई फ़िल्म डायरेक्ट करने की इच्छा नहीं होती, इस प्रश्न पर वे कहते हैं, “सच कहूं तो अभी मेरे पास इतना समय नहीं है कि फ़िल्म डायरेक्ट कर सकूं। जानता हूं कि डायरेक्शन की तरफ गया तो पूरा साल जाएगा। भविष्य में हो सकता है कि इस तरफ कभी सोचूं।“

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