मोहन मरकाम ने कहाः छत्तीसगढ़ में धरना, प्रदर्शन व अन्य आयोजनों पर किसी तरह की रोक नहीं- भ्रम फैला रही भाजपा

मिसाल न्यूज़

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसी भी प्रकार के शांतिपूर्ण संवैधानिक धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, धार्मिक आयोजनों पर रोक नहीं लगाई गई है। इस संबंध में भाजपा भ्रम और झूठ फैला रही है।

राजीव भवन में आज प्रेस कांफ्रेंस में मोहन मरकाम ने कहा कि हमारी सरकार ने धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, सार्वजनिक आयोजनों के संबंध में जो निर्देश जारी किये हैं वह नये नहीं हैं। यह प्रदेश में पहले से लागू हैं। पिछले कुछ दशकों से लागू हैं। पूर्ववर्ती रमन सरकार के समय से लागू हैं। आयोजनों के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिये पूर्ववत बने नियमों के पालन की जो बातें हैं, वही इस निर्देश में हैं। सवाल यह है कि जो नियम भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में लागू थे और जिसका 15 साल तक स्वयं भाजपा की रमन सरकार कड़ाई से पालन करवाती रही उन्हीं नियमों के संबंध में जारी किये गये निर्देश अलोकतांत्रिक कैसे हो गये? संवैधानिक मूल्य, संवैधानिक संस्थानों की अवहेलना करते-करते भाजपा अब नियमों कानूनों की व्याख्या भी अपनी सुविधा के अनुसार करने लगी है। रमन सरकार ने तो बारात निकालने, डीजे बजाने और अखंड रामायण के लिये भी अनुमति लेने का नियम बनाया था। धरना, प्रदर्शन के लिये अनुमति देने शर्तें लगाने का पुलिस को अधिकार भाजपा की रमन सरकार ने दिया था। पूर्ववर्ती रमन सरकार द्वारा पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 34 के तहत सभा, जुलूस के लिए शर्तें तय कर दी गई थीं। तत्कालीन भाजपा सरकार ने 15 साल उन््ही शर्तों का पालन किया जिसका कि अब विरोध हो रहा है। यह भाजपा का दोहरा चरित्र है।

मोहन मरकाम ने कहा कि तत्कालीन रमन सरकार द्वारा किस तरह नियमों का पालन करवाया जाता था इसके कुछ उदाहरण सामने हैं- 1. श्याम प्रचार सेवा समिति के आवेदन पर 23/12/2017 से 24/12/2017 तक श्री श्याम महोत्सव के कार्यक्रम की अनुमति हेतु 23 शर्तें लगाई गई थीं। यह आदेश 14/12/2017 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर शहर द्वारा जारी किया गया था। 2. ईश्वरी साहू प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहकारी संघ को 23/12/2017 को धरना प्रदर्शन की अनुमति विजय अग्रवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा 13/12/2017 को जारी किया गई थी उसमें भी 19 शर्तें लगाई गयी थीं। 3. अशरफ हुसैन युवा कांग्रेस महासचिव द्वारा 18/07/2018 को रैली के लिए मांगी गई अनुमति के संबंध में भी 17 बिंदु की शर्तें जोड़ी गयी। 4. रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय के द्वारा 3 जुलाई 2018 को विधानसभा की ओर जाने की अनुमति मांगे जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर द्वारा 17 बिंदुओं की शर्तें लगाई गई थीं।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अमरजीत चावला, आर.पी. सिंह, घनश्याम राजू तिवारी, धनंजय सिंह ठाकुर, नितिन भंसाली, अमित श्रीवास्तव, अजय गंगवानी, सुबोध हरितवाल उपस्थित थे।

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