नये आरडीए सीईओ ने कमल विहार समेत अन्य योजनाओं का लिया जायजा, ठेकेदार ने कहा- “सर जी रूका पैसा दिलवा दें, 3 से 4 माह में मकान का काम करवा दूंगा पूरा”

0 फ्लैट्स की बुकिंग करा कर भुगतान नहीं करने वालों को दिया जा रहा नोटिस
0 राशि जमा नहीं करने पर फ्लैट्स होगें निरस्त

मिसाल न्यूज़

रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण के नये सीईओ (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) अभिजीत सिंह जब योजनाओं का जायजा लेने पहली बार निकले तो उन्हें नये तरह का अनुभव हुआ। कमल विहार में एक ठेकेदार ने सीईओ से कहा कि यदि मेरा रुका हुआ पैसा दिलवा दें तो 3 से 4 माह के भीतर अपने हिस्से के सभी फ्लैट्स का निर्माण पूरा करवाकर दे दूंगा।

सीईओ अभिजीत सिंह ने कमल विहार और इन्द्रप्रस्थ (रायपुरा) की निर्माणाधीन योजनाओं का आरडीए के इंजीनियरों और अधिकारियों के साथ दौरा किया। उन्होंने कमल विहार योजना के फ्लैट्स निर्माण में हो रही देरी और आ रही परेशानियों की जानकारी ली। सीईओ को कमल विहार के सेक्टर 4 में 768 एलआईजी फ्लैट्स निर्माण के ठेकेदार बृजेश गोयल ने लंबे समय से भुगतान नहीं होने की जानकारी दी। ठेकेदार ने कहा कि यदि उनकी रुकी राशि का भुगतान समय में हो जाए तो वे   3-4 माह में सभी फ्लैट्स का निर्माण कार्य पूरा कर आरडीए को सौंप देंगे। इसी प्रकार 512 एलआईजी फ्लैट्स और 128 ईडब्लूएल फ्लैट्स के ठेकेदारों विनोद पांडे और श्री त्रिपाठी ने बताया कि उनके व्दारा फ्लैट्स निर्माण का ढ़ांचे का निर्माण,प्लास्टर व फ्लोरिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। यदि आरडीए उन्हें किए गए कार्यों का भुगतान कर दे तो वे वाटर सप्लाई, सेनेटरी, अंडरग्राऊंड ड्रेनेज, सम्पवेल, बिजली के ट्रांसफार्मर लगाने और सड़क निर्माण का कार्य शीघ्रता से पूरा कर देगें। इस पर सीईओ ने अधीक्षण अभियंता एम.एस. पाण्डेय को निर्देश दिया कि वे बचे हुए कार्यों का इस्टीमेट तैयार कर बताएं कि कितनी राशि की और जरूरत है ताकि निर्माण कार्य शीघ्रता के साथ पूरा किया जा सके।

अभिजीत सिंह ने आरडीए के इंजीनियरों से कहा वे शेष बचे हुए कार्यों का इस्टीमेट तैयार कर ठोस प्रस्ताव दें ताकि किए गए निर्माण कार्यों का ठेकेदारों को समय पर राशि का भुगतान किया जा सके। उन्होंने कहा कि वे आवंटित फ्लैट्स के बकाया राशि वसूली की कार्रवाई भी करा रहे हैं। इसमें जिन आवंटितियों ने लंबे समय से राशि का भुगतान नहीं किया है उन्हें कुछ समय दे कर राशि जमा करने के लिए कहा गया है। यदि आवंटितियों ने राशि का भुगतान नहीं किया तो आवंटन निरस्त कर फ्लैट्स पुनः विज्ञापित कर विक्रय किए जाएंगे।

सीईओ इन्द्रप्रस्थ रायपुरा फेज -2 की योजना में लेआऊट के आधार पर भूखंडों के आवंटन और भूअर्जन में आ रही समस्यों से रुबरू हुए। उन्होंने नवनिर्मित 1472 ईडब्लूएस और 944 एलआईजी फ्लैट्स का अवलोकन किया। अधीक्षण अभियंता अनिल गुप्ता ने उन्हें इस योजना की सीमा में बनने वाली बॉऊन्ड्रीवाल और उसके सीमांकन में आ रही परेशानियों की जानकारी दी। इस पर सीईओ ने सहायक राजस्व अधिकारी मुकेश बजाज को तहसीलदार से संपर्क कर इसका उपयुक्त निराकरण करने का निर्देश दिया। स्थल में स्थापित किए जा रहे ट्रांसफार्मर और संपवेल की जानकारी भी उन्होंने ली। आरडीए के सीईओ ने योजना के साथ लगी वृंदावन कॉलोनी व्दारा सड़क व नाली को तोड़ कर अपनी सीमा से जोड़ने पर हुए नुकसान की वसूली के लिए नोटिस देने का निर्देश भी दिया। इसके बाद उन्होंने वंडरलैंड रिक्रिएशन पार्क, इन्द्रप्रस्थ अपार्टमेंट के 120 फ्लैट्स, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी आवास योजना – रायपुरा, सरोना, हीरापुर विवेकानंद आश्रम स्थित व्यावसायिक परिसर का भी अवलोकन किया।

आरडीए की योजनाओं के भ्रमण के दौरान अधीक्षण अभियंता अनिल गुप्ता व एम.एस. पांण्डेय, कार्यपालन अभियंता आर.के.जैन व सुरेश कुंजाम, सहायक अभियंता एच.पी. पंडरिया, सुशील शर्मा, उप अभियंता विवेक सिन्हा, सहायक राजस्व अधिकारी मुकेश बजाज, सहायक अधीक्षक ज्ञानेश रेड्डी, सलाहकार इंजीनियर, कार्य सहायक शेष नारायण शर्मा आदि उपस्थित थे।

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