भिलाई में हाउसिंग बोर्ड की जमीन औने-पौने में बेचने का आरोप…… नक्शे को भी लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल

मिसाल न्यूज़

रायपुर। भिलाई में हाउसिंग बोर्ड (छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल) की जमीन बेहद कम दाम में एक रसूखदार व्यक्ति को बेच देने का मामला आज विधानसभा में जमकर उठा।

ध्यानाकर्षण के दौरान भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी चौक भिलाई की जमीन के विक्रय में अनियमितता पाई गई है। धर्मेन्द्र यादव को यह जमीन औने पौने दाम में दे दी गई। इस प्लाट की बिक्री के बाद भिलाई में लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है। जमीन जो बेची गई वह कागजों में 14 हजार वर्ग फुट है लेकिन रजिस्ट्री के समय नक्शा जो लगाया गया वह 19 हजार वर्ग फुट का है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि यह सही है कि नक्शा 19 हजार वर्ग फुट का लगा लेकिन रजिस्ट्री में कहीं कोई त्रुटि नहीं हुई है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि धर्मेन्द्र यादव का 8 अक्टूबर को आवेदन स्वीकार होता है और इसी दिन उन्हें तूरत फुरत में एनओसी मिल जाती है। 12 अक्टूबर को उन्हें आबंटन लेटर भी जारी हो जाता है। मोहम्मद अकबर ने कहा कि आबंटन के साथ यदि एनओसी जारी हो भी गई तो इसमें कहीं कुछ गलत नहीं है। भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने पूछा कि इस जमीन को बेचने क्या कोई विज्ञापन दिया गया था? मोहम्मद अकबर ने कहा कि दो अखबारों में विज्ञापन दिया गया था। ऑन लाइन भी विज्ञापन पब्लिश हुआ था। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि ये जमीन फर्स्ट ऑफर में देना स्वीकार कर लिया गया। बाद में क्या ऐसे और भी मामले स्वीकार किए जाएंगे? मोहम्मद अकबर ने कहा कि हर प्रकरण की स्थिति अलग-अलग होती है इसलिए बेस्ट प्राइज़ से अधिक के कारण इस ऑफर को स्वीकार किया गया। भाजपा विधायक नारायण चंदेल ने कहा कि भिलाई ही नहीं पूरे प्रदेश में जमीनों को औने पौने में बेच देने का खेल चल रहा है। भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने सवाल उठाया कि जमीन जब 14 हजार वर्ग फुट बेची जानी थी तो रजिस्ट्री के समय 19 हजार वर्ग का फुट का यह नक्शा कहां से आ गया?

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