‘महूं दिलवाला तहूं दिलवाली’ के हीरो आयुष राजवैद्य के दिल की बात- “फ़िल्मों में आना मेरी अपनी च्वाइस”

मिसाल न्यूज़

12 जून को समूचे छत्तीसगढ़ में रिलीज़ होने जा रही छत्तीसगढ़ी फ़िल्म ‘महूं दिलावाला तहूं दिलवाली’ के हीरो आयुष राजवैद्य कहते हैं- “फ़िल्मों में आना मेरी अपनी च्वाइस है न कि फैमिली बेकग्राउंड। यह ज़रूर है कि मम्मी-पापा से सिनेमा पर काफ़ी टिप्स मिलते रहती है और उनका दिखाया रास्ता जीवन में काफ़ी काम आएगा।“

‘मिसाल न्यूज़’ ने हाल ही में आयुष के सामने कुछ सवाल रखे, जिनका ज़वाब इस मासूम कलाकार ने काफ़ी ख़ूबसूरती से दिया..

0 लोग यह कहने से कहां चूकेंगे कि पापा अनुमोद राजवैद्य डायरेक्टर व मम्मी प्रीति राजवैद्य एक्ट्रेस हैं, इसलिए आयुष की फ़िल्मों में राह आसान हो गई…

00 फ़िल्मों में आना मेरी अपनी च्वाइस है। फ़िल्मों से काफ़ी पहले मैंने थियेटर करना शुरु कर दिया था। ‘मगध’, ‘रथ का रस्सा’, ‘चांदी का चमचा’, ‘भगत सिंह’ एवं ‘जालियावाला बाग’ जैसे ड्रामे किए। राजकमल नायक सर, कुंज बिहारी शर्मा सर एवं योग मिश्रा सर जैसे सीनियर नाट्य निर्देशक मेरे मार्गदर्शक रहे। फिर सिनेमा में कदम रखने के साथ ही रॉकी दासवानी  सर जैसे प्रोड्यूसर एवं नीरज विक्रम सर जैसे डायरेक्टर के साथ फ़िल्म करना मेरे लिए बड़ा सौभाग्य है।

0 ‘महूं दिलवाला तहूं दिलवाली’ मिलने के पीछे की कहानी क्या है…

0 पहले तो यह कहूंगा कि यह फ़िल्म मिलने पर जिस तरह एक्साइटेड हुआ था और जैसा कि अब भी हूं उसकी कोई सीमा नहीं है। करियर की शुरुआत में ऐसा कुछ बड़ा होना किसी चमत्कार से कम नहीं। जब यह फ़िल्म मिली मेरी पहली फ़िल्म ‘मोला लव होगे’ का शूट ख़त्म हुए दो माह ही हुए थे। तब न मेरी कोई फ़िल्म सामने आई थी और न ही अलबम। रॉकी सर एवं नीरज सर ने एडिटिंग रुम में जाकर ‘मोला लव होगे’ के कुछ रजेश देखे। वहीं पर उन्होंने मुझे फाइनल किया।

0 शूट के दौरान कैसा अनुभव रहा…

00 पूरे 40 दिन शूट चला। फ़िल्म की सारी टीम उत्साहित थी कि 2019 के बाद रॉकी सर कोई फ़िल्म लेकर आ रहे थे। सारा शूट बेहद डिसीप्लीन में हुआ। कहीं कोई प्रेशर नहीं था। शुरुआत में मेरे भीतर काफ़ी झिझक थी, इसलिए कि फ़िल्म से जुड़े सारे प्रमुख आर्टिस्ट पापा के दोस्त हैं, लेकिन जैसे ही शूट शुरु हुआ प्रकाश अवस्थी सर, करण खान सर एवं संजय महानंद सर जैसे मोस्ट सीनियर कलाकारों ने मेरा उत्साह बढ़ाया। इन सब का काम मुझे काफ़ी कुछ सीखा गया। गरियाबंद, राजिम मेला एवं रायपुर की बेहतरीन लोकेशनों को बड़ी ही ख़ूबसूरती के साथ डीओपी सिद्धार्थ सर ने कैमरे में कैद किया।

0 सबसे ज़्यादा चर्चा फ़िल्म के गानों की है। गानों को लेकर कैसा एक्सपीरियेंस रहा…

00 सबसे ज़्यादा “सेमर कांटा…” यू ट्यूब पर देखा जा रहा है। 2 मिलियन पार करने को है। सिंगर सुनील सोनी जी व गरिमा दिवाकर जी की आवाज़ कमाल कर गई है। इस गाने के सेट बनाने लंबी तैयारियां हुई थीं। फिर इस गाने को फ़िल्माने में पूरा दो दिन लगा। कोरियोग्राफर चंदन दीप जी ने इस गाने पर ख़ूब मेहनत की। क़रीब 40 ग्रुप डॉसर शामिल किए गये। काफ़ी कलरफूल ड्रेस का इस्तेमाल किया गया।

0 “जावत हस अकेला गोरी…” गाने का भी तो यंग जनरेशन ख़ूब मज़ा ले रही है…

00 राजिम मेले में यह गाना शूट हुआ जो अपने आप में बड़ा चैलेंज था। रविवार का दिन था। मेले में काफ़ी भीड़ थी। चंदन दीप सर ने यह कहते हुए मेरा मनोबल बढ़ाया कि कोई कमेंट्स करे या इशारा करे विचलित मत होना। केवल काम पर कंशनट्रेशन रहे और यह गीत भी कमाल का बन गया। एक और गाना “देखे हंवव जब ले तोला राजा…” भी काफ़ी पसंद किया जा रहा है। सुनील सर व कंचन जोशी मैडम के गाए इस गीत की कोरियोग्राफी नंदू तांडी जी ने की है।

0 को एक्ट्रेस प्राची ठाकुर के साथ कैसा तालमेल रहा…

0 प्राची काफ़ी अच्छी एक्ट्रेस हैं। हंसमुख हैं। उनमें चुलबुलापन है। बचपन से एक्टिंग कर रही हैं। मुम्बई में रहते हुए कितने ही सीरियल व फ़िल्में कर चुकी हैं।

‘मिसाल न्यूज़’ के दफ़्तर में अपनी आने वाली फ़िल्म ‘महूं दिलवाला तहूं दिलवाली’ का पोस्टर शेयर करते हुए आयुष राजवैद्य

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